नेशनल हेराल्ड फैसला सच की जीत, मोदी–शाह नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दें इस्तीफा
लखनऊ, 20 दिसंबर 2025। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं राज्यसभा सांसद सैय्यद नासिर हुसैन ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनरेगा में किए जा रहे बदलाव सीधे तौर पर गरीबों और ग्रामीण मजदूरों से काम का अधिकार छीनने की साजिश हैं। यह महज एक योजना में संशोधन नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के विचारों और ग्रामीण भारत की रीढ़ पर हमला है।
नासिर हुसैन ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार रोजगार गारंटी जैसी योजनाओं को कमजोर कर गांव, किसान और मजदूर को हाशिये पर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य जरूरतमंद को समय पर काम और सम्मानजनक मजदूरी देना था, लेकिन आज भुगतान में देरी, काम के दिनों में कटौती और तकनीकी बाधाओं के जरिए गरीबों को हतोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसे गरीब विरोधी कदम मानती है और सड़कों से संसद तक इसके खिलाफ आवाज उठाएगी। उनका कहना था कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा का कवच है, जिसे तोड़ा जा रहा है।
प्रेसवार्ता में नासिर हुसैन ने नेशनल हेराल्ड मामले में आए अदालत के फैसले का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे सच की जीत करार देते हुए कहा कि वर्षों से राजनीतिक बदले की भावना से चलाए जा रहे इस मामले में न्यायपालिका ने तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को डराने और दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया। अब जबकि सच्चाई सामने आ चुकी है, नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए दोनों को अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतंत्र, संविधान और गरीबों के हक की रक्षा के लिए उचित जवाब देगी।
—

