ऑनलाइन गेमिंग की बुरी लत ने रीवा में एक नाबालिग को अपराध के रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिया। बच्चे ने पैसे जुटाने के लिए अपनी ही मां के करीब 15 लाख के गहने चुरा लिया। उसने इन गहनों को अपने दोस्त के घर पर छिपा दिया था।रीवा: ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत किस तरह बच्चों को गलत रास्ते पर ले जा रही है, इसका चौंकाने वाला मामला मध्य प्रदेश के रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां एक नाबालिग ने गेम खेलने के लिए पैसों का इंतजाम करने के उद्देश्य से अपनी ही मां के करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। घटना सामने आने के बाद न केवल परिवार बल्कि पुलिस भी कुछ समय तक गुमराह होती रही।
शादी समारोह में आई महिला के उड़े होश
सीधी जिले के बघेड़ी गांव की रहने वाली एक महिला अपने नाबालिग बेटे के साथ रीवा में एक शादी समारोह में शामिल होने आई थी। शुक्रवार रात समारोह से लौटने के बाद महिला ने अपने गहने उतारकर टिफिन में रख दिए और अन्य कार्यों में व्यस्त हो गई। कुछ समय बाद जब उसने देखा तो टिफिन सहित सभी जेवरात गायब थे। गहने गायब होने की जानकारी मिलते ही महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई।
महिला ने तत्काल चोरहटा थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पूछताछ के दौरान पता चला कि महिला का नाबालिग बेटा भी अचानक गायब है। इस पर पुलिस का शक उसी पर गहराया।
मोबाइल लोकेशन से खुला राज
पुलिस ने नाबालिग के मोबाइल नंबर को ट्रेस किया, जिसकी लोकेशन सीधी जिले के चोरहट और बाद में जमोड़ी क्षेत्र में मिली। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर बच्चे को पकड़ लिया। हालांकि शुरुआती पूछताछ में नाबालिग ने चोरी से इनकार किया और पुलिस को अलग-अलग जगहों पर भेजकर कई घंटों तक गुमराह करता रहा।
दोस्त के पास छिपाए थे जेवर
लगातार पूछताछ के बाद नाबालिग ने स्वीकार किया कि उसने जेवरात सीधी के जमोड़ी क्षेत्र में अपने एक नाबालिग दोस्त के घर छिपा दिए हैं। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए देर रात वहां दबिश दी और पूरे 15 लाख रुपये के जेवरात बरामद कर लिए।
चोरहटा थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि नाबालिग ऑनलाइन गेमिंग का आदी है। गेम में हार-जीत और पैसों के लेन-देन की बात भी सामने आई है। संभव है कि कर्ज या गेम से जुड़े नुकसान की भरपाई के लिए उसने यह कदम उठाया हो।

