सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। जिले के सरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी सरई) की लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार, एक गरीब महिला की अचानक तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल एंबुलेंस के लिए कॉल किया, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची।
करीब एक घंटे तक इंतजार के बाद भी जब कोई सहायता नहीं मिली, तो मजबूरन परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को खाट (चारपाई) पर लिटाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरई पहुंचाया। बताया जा रहा है कि उस समय स्वास्थ्य केंद्र में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही नर्स या जिम्मेदार अधिकारी।
प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन एंबुलेंस सुविधा के अभाव में समय पर उपचार मिल पाना मुश्किल हो गया, जिससे परिजनों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सीएससी सरई में अक्सर डॉक्टरों और स्टाफ की अनुपस्थिति रहती है, जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य सेवाओं की इस स्थिति ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संवाददाता रमेश चंद्र जायसवाल ने बताया कि इस मामले को लेकर जिले के कलेक्टर गौरव बैनल से मांग की गई है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरई का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और एंबुलेंस की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी मरीज की जान खतरे में न पड़े।
स्थान: सरई, जिला सिंगरौली, मध्य प्रदेश
संवाददाता: रमेश चंद्र जायसवाल

