लुधियाना/रायकोट। पंजाब के लुधियाना जिले के रायकोट क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने कुछ निहंगों पर धोखे से मकान पर कब्जा करने और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिल पाया है।
जानकारी के अनुसार अकालगढ़ कलां निवासी हरिंदरपाल सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि वर्ष 2016 में उनका संपर्क रिश्तेदारी के माध्यम से निहंग बाबा कुलवंत सिंह टक्कर साहिब और उनके साथियों से हुआ था। शुरुआत में दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध बने और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ती गईं। इसी दौरान बाबा कुलवंत सिंह ने “सरबंसदानी वेलफेयर सोसायटी” नाम से एक संस्था बनाई, जिसमें हरिंदरपाल सिंह को प्रधान बनाया गया, जबकि बाबा खुद चेयरमैन बन गए।
पीड़ित का आरोप है कि भरोसे का फायदा उठाकर निहंगों ने उनके मकान में सोसायटी का दफ्तर खोल लिया। बाद में धीरे-धीरे पूरे मकान पर कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी गई। हरिंदरपाल सिंह ने आरोप लगाया कि 21 दिसंबर 2021 को उन्हें बहाने से टक्कर साहिब के पास बुलाया गया और फिर बरनाला में बघेल सिंह नामक व्यक्ति के घर ले जाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने उनका पर्स, 5300 रुपये नकद, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड और घर की चाबी भी छीन ली। हरिंदरपाल के ऊपर पेट्रोल छिड़का गया और उन्हें आग लगाने की कोशिश की गई किसी तरह जान बचाकर वह अपने घर पहुंचे, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल सधर में भर्ती कराया।
हरिंदरपाल सिंह ने कहा कि जिस मकान को लेकर विवाद चल रहा है वह उनकी माता मनजीत कौर के नाम पर है। उन्होंने पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि उनका मकान निहंगों के कब्जे से मुक्त करवाकर उन्हें वापस दिलाया जाए ताकि उनका परिवार फिर से अपने घर में रह सके।
वहीं दूसरी ओर निहंग बाबा कुलवंत सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि जो भी काम हुआ वह दोनों पक्षों की सहमति से हुआ था और अब पीड़ित परिवार अपने बयान से मुकर रहा है।
फिलहाल मामले को लेकर इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है और पुलिस प्रशासन पूरे विवाद की जांच में जुटा हुआ है। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि दूसरी ओर आरोपियों ने खुद को बेगुनाह बताया है। आरोपी बाबा कुलवंत के साथ उनकी पत्नी परमजीत कौर भी मिली हुई है हरिदरपाल और उनके परिवार न्याय की गुहार के लिए अपील कर रहे हैं और इनकी मदद की जाए

