आवासीय परिसरों में जांच शुरू, संदिग्धों को नोटिस
सिंगरौली। आवासीय परिसरों में फर्जी तरीके से आदिवासी बनकर रहने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के मामले में अब कार्रवाई शुरू हो गई है। इस मुद्दे को लंबे समय से उठा रही अखिल भारतीय जनजातीय विकास परिषद के प्रयासों के बाद प्रशासन हरकत में आया है।
जानकारी के मुताबिक, कई शिकायतों में सामने आया था कि गैर-आदिवासी लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुद को आदिवासी बताकर आवासीय योजनाओं में जगह बना रहे थे। इससे वास्तविक आदिवासी परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित हो रही थीं।
परिषद ने इस मामले में लगातार ज्ञापन सौंपे और जांच की मांग की। इसके बाद प्रशासन ने संदिग्ध मामलों की जांच शुरू कर दी है। कुछ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं और उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
परिषद के पदाधिकारियों का कहना है कि यह मामला आदिवासी समुदाय के अधिकारों से जुड़ा है। ऐसे में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई शुरू होने से अब वास्तविक पात्रों को उनका हक मिलने की उम्मीद जगी है।
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं परिषद ने कहा है कि भविष्य में इस तरह के मामलों को रोकने के लिए वे आगे भी निगरानी बनाए रखेंगे।

