बलिया (उत्तर प्रदेश)।
जिले के मनियर थाना क्षेत्र की रहने वाली 27 वर्षीय चंदा आज ग्रामीण प्रतिभा और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनती जा रही हैं। शादी के सात–आठ साल बाद, एक बच्चे की मां होने के बावजूद चंदा ने अपनी अलग पहचान बनाने का सपना नहीं छोड़ा। सीमित संसाधनों और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने सोशल मीडिया को अपना मंच बनाया और मोबाइल फोन के सहारे अपनी कला लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
चंदा पिछले दो–तीन वर्षों से लगातार वीडियो बना रही हैं। उनके वीडियो हिंदी के लेटेस्ट गानों पर आधारित होते हैं, जिनमें शालीनता के साथ कॉमेडी का तड़का भी होता है। खास बात यह है कि उनके कंटेंट में न तो अश्लीलता है और न ही दिखावा, बल्कि सादगी, मेहनत और गांव की मिट्टी की खुशबू दिखाई देती है। यही वजह है कि उनके वीडियो धीरे-धीरे लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
चंदा के इस सफर में उनके पति रंजीत का भी पूरा सहयोग है। रंजीत बाहर काम करते हैं और पत्नी के सपने को आगे बढ़ाने में उनका हौसला बनते हैं। चंदा बताती हैं कि उनका उद्देश्य सिर्फ नाम कमाना नहीं, बल्कि अपने हुनर के दम पर कुछ आय अर्जित करना भी है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने बच्चे के भविष्य को बेहतर बना सकें।
बिना किसी टीम, बिना किसी तकनीकी मदद के चंदा खुद ही वीडियो शूट करती हैं, एडिट करती हैं और अपलोड करती हैं। उनकी इंस्टाग्राम आईडी “रियांश 145” पर वे नियमित रूप से कंटेंट साझा कर रही हैं। उनका सपना है कि उन्हें लाइव सब्सक्राइबर, फॉलोअर्स और दर्शकों का प्यार मिले, ताकि उनकी आवाज और कला ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।
चंदा की कहानी उन हजारों ग्रामीण महिलाओं की कहानी है, जो सीमाओं के बावजूद सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करती हैं। आज सोशल मीडिया उनके लिए सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की राह बनता जा रहा है।

