ईखबर मीडिया विशेष रिपोर्ट | विलास दलु पवार
नाशिक, महाराष्ट्र से एक अहम बयान सामने आया है। अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष लकी भाऊ जाधव ने मराठा आरक्षण और धनगर समुदाय को लेकर चल रही बहस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
लकी भाऊ जाधव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट, TISS और सुधाकर शिंदे कमेटी ने स्पष्ट रूप से बताया है कि धनगर समुदाय को आदिवासी (ST) आरक्षण नहीं दिया जा सकता। इसके बावजूद मनोज जारांगे द्वारा धनगरों का समर्थन किया जाना आदिवासी समाज के खिलाफ है। उन्होंने इसे आदिवासी विरोधी कदम बताते हुए कहा कि यह मराठा और आदिवासी समाज के बीच टकराव पैदा करने की साजिश जैसा लग रहा है।
महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है। इसी के साथ धनगर समुदाय को ST श्रेणी में शामिल करने की मांग भी लगातार उठती रही है। हालांकि विभिन्न समितियों और रिपोर्ट्स में इसे संभव नहीं बताया गया है। ऐसे में इस मुद्दे पर अलग-अलग पक्षों की बयानबाजी से विवाद और गहराता जा रहा है।
लकी भाऊ जाधव ने सवाल उठाया कि जब आदिवासी समाज खुद अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है, तो उन्हें ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय पहले से ही आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर है और उनके अधिकारों में किसी भी तरह की कटौती या हस्तक्षेप अन्यायपूर्ण होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मुद्दे को संतुलित और संवेदनशील तरीके से नहीं संभाला गया, तो मराठा और आदिवासी समाज के बीच तनाव बढ़ सकता है।
यह मामला केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक संतुलन और न्याय से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार और संबंधित पक्षों को चाहिए कि वे सभी पहलुओं पर विचार करते हुए संवैधानिक और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में कदम उठाएं।

