रिपोर्टर – फरीद अहमद
लखीमपुर खीरी। जिले में रविवार सुबह घने कोहरे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं और कई लोगों को घायल कर दिया। सुबह 4:30 बजे से 7:30 बजे तक छाए घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई थी, जिससे सड़क पर चलना जानलेवा साबित हुआ। धौरहरा / रमियाबेहड़ और पढ़ुआ क्षेत्र में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक छात्र समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। हादसों के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों की वैन ट्रक से टकराई, एक छात्र की मौत
पहला हादसा धौरहरा / रमियाबेहड़ क्षेत्र में उस समय हुआ जब छात्र बोर्ड परीक्षा देने वैन से परीक्षा केंद्र जा रहे थे। घने कोहरे के कारण सामने से आ रहे ट्रक का अंदाजा नहीं लग सका और वैन सीधे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
पढ़ुआ में दो बसों की आमने-सामने भिड़ंत, एक की मौत, पांच घायल
दूसरा हादसा पढ़ुआ क्षेत्र में हुआ, जहां घने कोहरे के चलते दो बसें आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा गया।
जिला अस्पताल पहुंचे डीएम और एसपी, घायलों का जाना हाल
दोनों हादसों की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। अधिकारियों ने डॉक्टरों को घायलों का बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही हादसे के कारणों की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें, प्रशासन ने जारी की सावधानी की अपील
ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी घने कोहरे का असर देखा जा रहा है। दृश्यता बेहद कम होने के कारण सड़क पर चलना जोखिम भरा बना हुआ है। प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान धीमी गति से वाहन चलाएं, हेडलाइट और फॉग लाइट का प्रयोग करें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें।
इन दो दर्दनाक हादसों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि घना कोहरा सड़क पर किसी बड़े खतरे से कम नहीं है। एक छात्र की अधूरी रह गई परीक्षा और एक परिवार की उजड़ गई खुशियां पूरे जिले को गमगीन कर गई हैं।

