मुजफ्फरपुर। औराई अंचल के जनाढ़ गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने जमीन खरीदने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यहां गीता देवी द्वारा जमीन खरीदने के बाद दाखिल किया गया म्यूटेशन वाद आखिरकार प्रशासन ने खारिज कर दिया। जानकारी के अनुसार, गीता देवी ने 16 जनवरी 2025 को दस्तावेज संख्या 445 के तहत जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इसके बाद म्यूटेशन के लिए आवेदन दिया गया। 20 जून 2025 को आवेदन प्राप्त होते ही उसी दिन पहली सुनवाई हुई और मामला जांच के लिए राजस्व कर्मचारी को भेज दिया गया। 31 जुलाई 2025 को जांच के दौरान पहली आपत्ति सामने आई। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि संबंधित भूमि पर पहले से विवाद है और खरीदार का उस पर शांतिपूर्ण कब्जा नहीं है। इसके बाद आवेदक को कई बार साक्ष्य प्रस्तुत करने का मौका दिया गया, लेकिन कोई ठोस दस्तावेज पेश नहीं किया गया। 22 अगस्त 2025 को जांच रिपोर्ट अनुशंसा के साथ आगे बढ़ाई गई और 25 अगस्त को सुनवाई तय हुई। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं, अन्यथा वाद खारिज कर दिया जाएगा। इसके बावजूद कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। 20 दिसंबर 2025 को फिर से आपत्ति दर्ज की गई और दोबारा जांच में भी यही सामने आया कि जमीन पर खरीदार का कब्जा नहीं है और दस्तावेज राजस्व अभिलेखों से मेल नहीं खाते। 29 दिसंबर 2025 को अंतिम रिपोर्ट अग्रसारित की गई और 1 जनवरी 2026 को अंतिम सुनवाई हुई। इस दौरान भी आवेदक कोई संतोषजनक साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। अंततः अंचल अधिकारी गौतम कुमार ने 1 जनवरी 2026 को वाद खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि राजस्व कर्मचारी और अंचल निरीक्षक की संयुक्त जांच में खरीदार का जमीन पर दखल कब्जा नहीं पाया गया। साथ ही बार-बार अवसर देने के बावजूद कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। क्या है पूरा मामला केस संख्या 929/2025-26 में गीता देवी द्वारा दाखिल म्यूटेशन आवेदन को जांच और सुनवाई के बाद अस्वीकृत किया गया। यह भूमि जनाढ़ मौजा, खाता संख्या 308, प्लॉट संख्या 2119 से संबंधित है। प्रशासन के अनुसार, केवल रजिस्ट्री कराना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि जमीन पर वास्तविक कब्जा और वैध दस्तावेज होना भी जरूरी है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज है और लोग अब जमीन खरीदने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने की बात कह रहे हैं।
रजिस्ट्री के बाद भी नहीं मिला हक: कब्जा न होने पर गीता देवी का म्यूटेशन वाद खारिज
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