सोशल मीडिया की दोस्ती, कथित मानव तस्करी, नवजात की मौत का आरोप—एक महिला की आपबीती ने प्रशासन और समाज को कटघरे में खड़ा किया
कोटा।
कोटा शहर के कोटा पूरा बस स्टैंड क्षेत्र से सामने आई एक कहानी ने रिश्तों की दुनिया, सोशल मीडिया के भरोसे और कानून की सीमाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंस्टाग्राम पर शुरू हुई दोस्ती शादी तक पहुंची, लेकिन इसके पीछे जो सच सामने आया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
पीड़िता सीमा (बदला हुआ नाम) की मुलाकात वर्ष 2018 में इंस्टाग्राम के जरिए नक्षत्र राज से हुई। बातचीत बढ़ी, नजदीकियां बनीं और वर्ष 2022 में दोनों ने शादी कर ली। सीमा का पता कोटा बताया गया। नक्षत्र राज का दावा है कि शादी के बाद उन्होंने सीमा को सम्मान और सुरक्षा देने की पूरी कोशिश की।
लेकिन सीमा की आपबीती कुछ और ही कहानी बयां करती है। सीमा का आरोप है कि इस शादी से पहले उसके माता-पिता ने उसे धौलपुर में किसी और को 20 हजार रुपये में बेच दिया। वहां ले जाकर उसके साथ प्रताड़ना की गई और जबरन गलत काम करवाया गया। गरीबी और डर के बीच वह मानसिक रूप से टूटती चली गई।

सीमा के अनुसार नक्षत्र एक बांग्लादेशी पति है, जो काम के सिलसिले में वीजा पर भारत आया था। जब उसे सीमा की स्थिति का पता चला तो कथित तौर पर उसने पुराने पति को एक लाख रुपये देकर सीमा को धौलपुर से छुड़वाया। और प्रेम को शादी तक पहुंचाया, इसके बाद नक्षत्र राज काम की तलाश में हैदराबाद चला गया और एक फैक्ट्री में नौकरी करने लगा। नक्षत्र का कहना है कि उस दौर में वह इतना टूट चुका था कि आत्महत्या का विचार तक आए।
मामला यहीं नहीं थमता। सीमा और नक्षत्र का आरोप है कि पुराने पति द्वारा उनके नवजात बच्चे की हत्या कर दी गई। इस आरोप ने पूरे घटनाक्रम को और गंभीर बना दिया है। दोनों का कहना है कि इस घटना ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया। आज हालात यह हैं कि दोनों के पास एक-दूसरे के सिवा कोई सहारा नहीं है।
नक्षत्र का कहना है कि वे भारत का सम्मान करते हैं, लेकिन पुलिस के पास जाने से डरते हैं—कहीं किसी और कानूनी पचड़े में न फंस जाएं। सीमा के परिवार की ओर से भी कोई ठोस सहारा सामने नहीं आया है। मजबूरी में दोनों ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी है, ताकि उनकी आवाज सुनी जा सके और उन्हें इंसाफ मिल सके।
यह मामला न केवल प्रेम में सीमा के लिए सीमा पार चले आए युवक का, बल्कि एक लड़की का घरेलू शोषण हुआ और नवजात की मौत जैसे गंभीर आरोपों को उजागर करता है, बल्कि सोशल मीडिया से शुरू होने वाले रिश्तों की हकीकत और सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब निगाहें प्रशासन और कानून पर हैं—क्या पीड़ितों को न्याय मिलेगा, या यह कहानी भी डर और अनिश्चितता के अंधेरे में खो जाएगी?

