लखीमपुर खीरी। जिले में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने अपराध नियंत्रण को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। बैठक में सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
हालांकि, बैठक के बाद आमजन के बीच यह सवाल फिर उठने लगा है कि क्या इन निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर भी दिखाई देगा या यह कार्रवाई केवल फाइलों तक सीमित रह जाएगी।
बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश
मासिक समीक्षा बैठक में अपराध ग्राफ, लंबित विवेचनाओं और संवेदनशील मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। एसपी ने स्पष्ट कहा कि—
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टॉप-10 और वांछित अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
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महिला अपराध, दहेज उत्पीड़न और छेड़छाड़ के मामलों में त्वरित कार्रवाई हो।
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फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से दर्ज कर समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
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भूमि विवाद और मारपीट जैसे मामलों में निष्पक्ष जांच की जाए।
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हिस्ट्रीशीटरों की नियमित निगरानी की जाए।
इसके साथ ही आगामी त्योहारों को देखते हुए थाना स्तर पर सतर्कता बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त तेज करने के निर्देश भी दिए गए।
जनता की चिंता: आदेश बनाम कार्रवाई
जिले के कई थाना क्षेत्रों से यह शिकायतें सामने आती रही हैं कि—
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शिकायत दर्ज करने में अनावश्यक देरी होती है।
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पीड़ितों को कई बार थाने के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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छोटे मामलों को हल्के में लिया जाता है।
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कई मामलों में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी लंबित रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर महीने समीक्षा बैठक में सख्ती के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन अपराध पर ठोस और स्थायी असर कम ही दिखाई देता है।
प्रशासन की चुनौती
पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बैठक में तय किए गए बिंदुओं को जमीनी स्तर पर लागू कराया जाए। यदि थाना स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी सक्रियता नहीं दिखाते, तो उच्च स्तर की समीक्षा भी बेअसर साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि—
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थानों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ानी होगी।
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शिकायतों की मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम को मजबूत करना होगा।
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जनता और पुलिस के बीच संवाद बेहतर करना होगा।
आगे की राह
अब देखना यह होगा कि पुलिस कप्तान के सख्त निर्देशों के बाद जिले में अपराध नियंत्रण की स्थिति में कितना सुधार आता है। जनता को उम्मीद है कि इस बार कार्रवाई सिर्फ बैठक कक्ष तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धरातल पर भी सख्ती नजर आएगी।
फिलहाल, मासिक अपराध गोष्ठी के बाद जिले में पुलिस की सक्रियता पर सबकी नजरें टिकी हैं।
लखीमपुर खीरी से फरीद अहमद की रिपोर्ट

