सरई में नव-दिवसीय रामकथा का शुभारंभ, ‘श्रीराम जन्म’ प्रसंग ने बांधा समां

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सिंगरौली/सरई। धार्मिक आस्था और भक्ति भाव के माहौल में सरई क्षेत्र स्थित राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में मंगलवार शाम नौ दिवसीय भव्य रामकथा का शुभारंभ हुआ। पहले ही दिन ‘श्रीराम जन्म’ प्रसंग के मार्मिक और जीवंत वर्णन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा स्थल पर सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने “जय श्रीराम” के जयघोष के साथ पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कथा व्यास ने अयोध्या नगरी की दिव्यता, राजा दशरथ की पुत्र प्राप्ति की कामना और भगवान श्रीराम के जन्म की पावन कथा को अत्यंत सरल और प्रभावी शैली में प्रस्तुत किया। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, पंडाल में बैठे श्रद्धालु भक्ति में लीन होते नजर आए।

कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों की सजावट और विशेष रूप से सजी भगवान श्रीराम की मनमोहक प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। भजन-मंडलियों द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों ने माहौल को और अधिक भक्तिमय बना दिया।

आयोजन समिति के सदस्य रामबालक द्विवेदी ने बताया कि कथा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। रात भर प्रकाश व्यवस्था के लिए दीपों और लाइटों की व्यवस्था की गई है। आगामी आठ दिनों में रामचरित के विभिन्न प्रसंगों जैसे बाल-लीला, सीता स्वयंवर, वन-गमन, लंका विजय और राम राज्याभिषेक का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।

कार्यक्रम में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और महिला मंडल की सदस्याएं भी उपस्थित रहीं। सभी ने इस धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों के प्रसार का माध्यम बताया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्रकार के धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ बनाते हैं। रामकथा के पहले दिन की भव्यता को देखते हुए आने वाले दिनों में और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

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