सीतापुर। जनपद के विकास खण्ड बेहटा अंतर्गत ग्राम काशीडीह में दिसंबर 2025 में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवारों को राहत देने के लिए घोषित मुख्यमंत्री आवास योजना अब विवादों में घिर गई है। आग में सब कुछ गंवा चुके परिवारों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर ग्राम प्रधान और सचिव पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
पीड़ितों के अनुसार दिसंबर 2025 में लगी आग से कई परिवारों के छप्पर और घरेलू सामान पूरी तरह जलकर राख हो गए थे। घटना के बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया था। उस दौरान मंत्री सुरेश राही ने प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता के रूप में मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की घोषणा की थी। सूची में कुल 21 पीड़ित परिवारों को शामिल किया गया था।
शिकायतकर्ताओं कमला देवी पत्नी स्वर्गीय श्रीराम, दयावती पत्नी स्वर्गीय दयाशंकर, प्रताप पुत्र सुन्दर लाल तथा प्रेम नारायण पुत्र रामचन्द्र समेत अन्य ग्रामीणों का आरोप है कि घोषित सूची में से केवल 12 वास्तविक पीड़ितों को ही आवास का लाभ दिया गया। जबकि 9 ऐसे लोगों के नाम जोड़ दिए गए, जो न तो अग्निकांड से प्रभावित थे और न ही उस समय उनके घरों को कोई क्षति पहुंची थी। इतना ही नहीं, ग्रामीणों का कहना है कि इन 9 लोगों को पहले भी आवास योजना का लाभ मिल चुका है।
पीड़ितों का आरोप है कि ग्राम स्तर पर सचिव और प्रधान की मिलीभगत से सूची में फेरबदल कर वास्तविक लाभार्थियों को वंचित कर दिया गया। इससे आग में सब कुछ गंवा चुके परिवार आज भी खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं, जबकि अपात्र लोग सरकारी सुविधा का लाभ उठा चुके हैं।
इस मामले में पीड़ितों ने जिलाधिकारी सीतापुर को लिखित शिकायत देकर जांच की मांग की है। उन्होंने दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कठोर कार्रवाई करने तथा वास्तविक अग्निकांड पीड़ितों को मुख्यमंत्री आवास योजना से जोड़ने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वे उच्चाधिकारियों से लेकर शासन स्तर तक गुहार लगाएंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कदम उठाता है और क्या अग्निकांड पीड़ितों को उनका हक मिल पाता है या नहीं।

