सिंगरौली | ब्रेकिंग न्यूज़
सिंगरौली जिले के सरई नगर परिषद में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि वर्ष 2025–26 के अंतर्गत पीएम आवास योजना में लगभग ₹1,00,000 की राशि का आहरण किया गया, लेकिन संबंधित लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करने से नगर परिषद के अधिकारी बचते नजर आ रहे हैं। इस पूरे मामले ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और आवेदकों का कहना है कि योजना के तहत पात्र गरीबों के नाम सूची से काट दिए गए, जबकि अपात्र व्यक्तियों के खातों में आवास योजना की राशि हस्तांतरित कर दी गई। इससे वास्तविक जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे गरीब वर्ग में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है।
मामले को लेकर यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि यदि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है, तो नगर परिषद प्रशासन पीएम आवास योजना की सूची देने में संकोच क्यों कर रहा है। इस संबंध में जब नगर परिषद के कर्मचारियों से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने आवेदकों को आवेदन या सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी लेने की सलाह दी।
हालांकि, स्थानीय नागरिक राजेश जायसवाल द्वारा लगभग दो महीने पहले आरटीआई आवेदन देकर पीएम आवास योजना की सूची मांगी गई थी, लेकिन अब तक उन्हें कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि आखिर सूची सार्वजनिक करने में देरी क्यों की जा रही है और प्रशासन किस बात को छिपाने का प्रयास कर रहा है।
इस पूरे मामले में नगर परिषद के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर पात्र हितग्राहियों को न्याय दिलाता है या नहीं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल योजना की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह होगा, बल्कि गरीबों के अधिकारों के साथ गंभीर अन्याय भी माना जाएगा।
फिलहाल, नगर परिषद सरई में पीएम आवास योजना की सूची को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है और स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द से जल्द सूची सार्वजनिक करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

