नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के नोएडा से एक दर्दनाक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां बेटी के इलाज के लिए गिरवी रखे गए चांदी के जेवर वापस नहीं मिलने से एक गरीब मजदूर पिता दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़ित का आरोप है कि ज्वेलर ने पूरा पैसा और ब्याज लेने के बाद भी जेवर वापस नहीं किए और अब दुकान बंद कर फरार हो गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़ित बृजेश कुमार पुत्र सियाराम, निवासी ग्राम परथला खानजरपुर, सेक्टर-122, थाना सेक्टर-113, नोएडा ने बताया कि आर्थिक तंगी और अपनी बेटी के इलाज के लिए मजबूर होकर उन्होंने 13 अक्टूबर 2024 को गांव में स्थित श्याम ज्वेलर्स नामक दुकान पर लगभग आधा किलो चांदी के आभूषण गिरवी रखे थे। दुकान के मालिक मोहित वर्मा ने 12 हजार रुपये देकर 5 प्रतिशत ब्याज पर जेवर गिरवी रख लिए थे। गिरवी रखे गए आभूषणों में हाथफूल, पायल, कमर की तगड़ी और छह बिछुए शामिल थे।
बृजेश कुमार ने बताया कि उनकी बेटी की उम्र करीब 20 वर्ष थी और वह उनकी सबसे बड़ी संतान थी। उनकी कुल छह बेटियां हैं। बेटी को सीने में गंभीर संक्रमण हो गया था, जिसके इलाज के लिए उन्होंने फरीदाबाद, एटा, नोएडा और दिल्ली तक कई अस्पतालों में इलाज करवाया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 13 जून 2025 को उनकी बेटी की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद भी उन्होंने मजदूरी करके जैसे-तैसे पैसे जुटाए और 1 नवंबर 2025 को ज्वेलर मोहित वर्मा को मूलधन के साथ पूरा ब्याज भी चुका दिया।
पीड़ित का आरोप है कि पैसे लेने के बाद ज्वेलर ने कहा कि जेवर किसी अन्य स्थान पर रखे हैं और एक-दो दिन में वापस दे देगा। लेकिन इसके बाद वह लगातार टालमटोल करता रहा। कभी होली के बाद देने की बात कही गई तो कभी दुकान बंद होने का बहाना बनाया गया। धीरे-धीरे ज्वेलर का फोन भी बंद आने लगा और अब दुकान भी बंद पड़ी है।
बृजेश कुमार का कहना है कि जब उन्होंने इस बारे में कई बार फोन किया तो एक बार फोन उठाकर ज्वेलर ने उन्हें गाली-गलौज की और जेवर मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पीड़ित ने थाना सेक्टर-113 और संबंधित पुलिस चौकी में कई बार लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और न ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि 18 मार्च 2026 को चौकी में उन्हें बुलाकर कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया, लेकिन अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि वह लगातार अधिकारियों और पुलिस के पास गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। बृजेश कुमार ने आरोप लगाया कि आरोपी के पुलिस से अच्छे संबंध होने के कारण मामले को दबाया जा रहा है।
मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करने वाले बृजेश कुमार का कहना है कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए बड़ी मुश्किल से चांदी के आभूषण बनवाए थे, लेकिन अब वे भी धोखे से हड़प लिए गए। उन्होंने पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें उनके जेवर वापस दिलाए जाएं।

