सीतापुर। जिलाधिकारी राजागणपति आर0 की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व कार्यों, गेहूं खरीद एवं कर-करेत्तर वसूली की प्रगति को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिले के सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और लंबित प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से नामांतरण, वरासत, सीमांकन, भू-अधिग्रहण, भूमि विवाद निस्तारण, राजस्व वसूली और जनशिकायतों के समाधान की स्थिति का गहन परीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि तहसील स्तर पर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्रता से निस्तारित किया जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
गेहूं खरीद को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली जाएं और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और पारदर्शिता के साथ खरीद कार्य संपन्न हो।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि राजस्व कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नामांतरण और वरासत से जुड़े मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिकायतकर्ताओं को संतोषजनक समाधान मिल सके।
राजस्व वसूली की प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई और निर्देश दिया कि वसूली की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
भूमि विवाद और जनशिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता से संवाद बढ़ाएं और मौके पर जाकर समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों की निरंतर समीक्षा की जाएगी और यदि प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, मजिस्ट्रियल जांच समय पर पूर्ण कराने, चारागाह भूमि का चिन्हांकन कर पशु चिकित्सा विभाग के समन्वय से चारा बुआई कराने, लंबित विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही को शीघ्र पूर्ण करने तथा फार्मर रजिस्ट्री, अंश संशोधन और धरौनी जैसे कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित वादों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करें। साथ ही तालाबों के पट्टा आवंटन को मानकों के अनुरूप करने और पात्र लाभार्थियों को कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी शिकायतों का समय पर निस्तारण किया जाए, ताकि कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर श्रेणी में न आए।
अवैध अतिक्रमण के मुद्दे पर जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाते हुए तिराहों, चौराहों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी नीतीश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक खालिद अंजुम, नगर मजिस्ट्रेट मीनाक्षी पाण्डेय सहित सभी उपजिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्टर – फरीद अहमद, जिला सीतापुर


