सीतापुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इंटर-स्टेट स्तर पर संचालित फर्जी GST फर्मों के संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो नौकरी का झांसा देकर लोगों के दस्तावेज जुटाते थे और उन्हीं के आधार पर सैकड़ों फर्जी फर्मों का पंजीकरण कर सरकार को करोड़ों रुपये की चपत लगा रहे थे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह ने करीब 1200 से अधिक फर्जी GST फर्मों का निर्माण किया था। इन फर्मों के जरिए फर्जी बिलिंग कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाया जा रहा था। इस फर्जीवाड़े का नेटवर्क उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि आगरा से लेकर उत्तराखंड के अल्मोड़ा समेत कई राज्यों तक फैला हुआ था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.30 लाख रुपये नकद, 23 मोबाइल सिम कार्ड, 3 लैपटॉप और बिना नंबर प्लेट की महिंद्रा 3XO कार बरामद की है। इन उपकरणों का इस्तेमाल फर्जी फर्मों के संचालन और नेटवर्क को मैनेज करने में किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना आशीष अपने साथियों के जरिए ‘पी.एस. ट्रेडर्स’ सहित सैकड़ों फर्जी फर्मों का संचालन कर रहा था। गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल कर लेते थे, फिर उन्हीं दस्तावेजों पर फर्जी GST रजिस्ट्रेशन कर फर्जी कारोबार दिखाया जाता था।
पुलिस के अनुसार यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसका नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था। फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये का टैक्स चोरी का खेल लंबे समय से चल रहा था।
सीतापुर पुलिस अब इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है और बरामद लैपटॉप व डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से GST फर्जीवाड़े के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है और आगे भी ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सीतापुर | रिपोर्टर – फरीद अहमद

