माल बाजार, जलपाईगुड़ी।
जिला जलपाईगुड़ी के थाना माल बाजार अंतर्गत ओडलाबाड़ी इलाके में जमीन विवाद को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2015 में खरीदी गई एक निजी जमीन को लेकर गांव के कुछ लोगों द्वारा लगातार दबाव बनाए जाने और जबरन रास्ता निकालने की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़ित साहिब (26 वर्ष), पिता मो. कमरुल का आरोप है कि जमीन खरीदने के बाद से ही उन्हें और उनके परिवार को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
पीड़ित के अनुसार, उक्त जमीन ओडलाबाड़ी क्षेत्र में स्थित है, जिसकी सीमाएं उत्तर में कच्चा रास्ता व रमेश का घर, दक्षिण में मोहम्मद दापी और मोहम्मद बबलू का घर तथा मदरसा, पूर्व में अंधा झोरा नदी और पश्चिम में मोहम्मद कामरुल की भूमि से लगी हुई हैं। भूमि से संबंधित सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इसके अलावा 27 जुलाई 2015 को ओडलाबाड़ी चैट पूजा समिति द्वारा लिखित रूप में यह स्पष्ट किया गया था कि समिति का इस भूमि पर भविष्य में कोई दावा नहीं होगा और निजी उपयोग पर कोई आपत्ति नहीं है।
इसके बावजूद गांव के कुछ लोग पीड़ित के घर के सामने से रास्ता निकालने की मांग कर रहे हैं। साहिब का कहना है कि उन्होंने अपने घर की सुरक्षा और सीमांकन के लिए बाउंड्री का निर्माण कराया था, लेकिन गांव वालों ने आरोप लगाया कि बाउंड्री बनने से वहां खड़े होने की जगह नहीं बची। इसी बात को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
पीड़ित ने बताया कि 11 दिसंबर को कई लोग एकजुट होकर उनके घर पहुंचे और जबरन बाउंड्री को तोड़ दिया। आरोप है कि इसके बाद लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने घर पर हमला करने की कोशिश की, जिससे पूरे परिवार में दहशत फैल गई। हालात बिगड़ते देख पीड़ित परिवार ने तत्काल माल बाजार थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने की खबर मिलते ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
साहिब का यह भी आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार गांव वालों द्वारा झगड़ा, धमकी और गाली-गलौज की घटनाएं हो चुकी हैं। इस संबंध में पुलिस को पूर्व में भी शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें अपने ही घर में असुरक्षा का माहौल महसूस हो रहा है।
घटना के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है। स्थानीय लोगों के बीच भी इस विवाद को लेकर चर्चा तेज है। पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, अवैध रूप से रास्ता निकालने की कोशिश पर रोक लगाई जाए और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो सकी है।

