*मेरे प्यारे क्षेत्रवासियों*
नगर परिषद सरई के वार्ड क्रमांक 14 में इन दिनों एक *समाजसेवी* और *पार्षद* की बड़ी चर्चा है। एंबुलेंस सेवा और मदद के नाम पर वाहवाही बटोरी जा रही है, लेकिन क्या आपने कभी पर्दे के पीछे की सच्चाई पर गौर किया है?
एक जागरूक नागरिक के नाते हमें खुद से और अपने प्रतिनिधि से ये 3 सवाल जरूर पूछने चाहिए।
*आय का स्रोत क्या है?* जब कोई बिजनेस या व्यापार नहीं है,तो एक पार्षद या पूर्व सरपंच के पास करोड़ों की संपत्ति और एंबुलेंस शव वाहन चलाने का पैसा कहाँ से आता है?
क्या यह जनता की गाढ़ी कमाई और विकास के फंड का हिस्सा नहीं?
*गौमाता के हक का क्या हुआ?* सरपंच रहते हुए पंचायत और गौशाला के फंड में जो हेरफेर की गई, क्या उसका हिसाब कभी जनता को मिला?
क्या गौमाता के हिस्से का निवाला छीनना समाजसेवा है?
*गरीबों की जमीन पर नजर क्यों?* क्या समाजसेवा का असली मकसद मजबूर आदिवासियों और गरीबों की जमीनों को ओने-पौने दामों में हड़पना है?
*याद रखिए*
मुफ्त की एक एंबुलेंस या थोड़े से दान-पुण्य से भ्रष्टाचार के दाग नहीं धुलते।
अगर विकास का पैसा सही जगह लगा होता, तो आज हमारे क्षेत्र की तस्वीर कुछ और होती।
*आइये, जागरूक बनें*
दिखावे की राजनीति को पहचानें और अपने हक के पैसे का हिसाब मांगें।
*समाजसेवा निस्वार्थ होती है, व्यापार नहीं।

