सीतापुर/मधुबनी। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के महोली क्षेत्र से एक ऐसा प्रेम प्रसंग सामने आया है, जिसने समाज में मजहब और रिश्तों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। सीतापुर के महोली निवासी नजाकत और बिहार के मधुबनी जिले के आंध्र धारी क्षेत्र के मीठा गांव की रहने वाली किरण पिछले करीब तीन से चार वर्षों से एक-दूसरे के संपर्क में हैं। दोनों की पहचान मोबाइल फोन के जरिए हुई थी और धीरे-धीरे बातचीत ने गहरे प्रेम का रूप ले लिया। अब हालात ऐसे हैं कि दोनों एक-दूसरे के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर पा रहे हैं और शादी कर साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर चुके हैं।
बताया जा रहा है कि नजाकत को आंखों से थोड़ा कम दिखाई देता है, लेकिन इसके बावजूद किरण का कहना है कि उसे नजाकत की सूरत नहीं बल्कि उनका दिल पसंद है। किरण का कहना है कि सच्चा प्यार इंसान की शक्ल-सूरत से नहीं बल्कि उसके स्वभाव और दिल से होता है। इसी भावना के साथ वह नजाकत के साथ पूरी जिंदगी बिताना चाहती है। दोनों का कहना है कि वे पति-पत्नी की तरह साथ रहकर अपनी नई जिंदगी शुरू करना चाहते हैं।
हालांकि इस रिश्ते के सामने सबसे बड़ी बाधा दोनों का अलग-अलग मजहब होना बन गया है। नजाकत मुस्लिम समुदाय से हैं जबकि किरण हिंदू परिवार से ताल्लुक रखती हैं। यही वजह है कि लड़की के परिजन इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। परिवार की नाराजगी और सामाजिक दबाव के कारण दोनों प्रेमी इन दिनों बेहद मानसिक तनाव में हैं।
परिजनों के विरोध से आहत नजाकत की हालत इस कदर खराब हो गई है कि उन्होंने पिछले तीन दिनों से खाना तक नहीं खाया है। वहीं दूसरी ओर किरण भी लगातार परेशान बताई जा रही है। वह नजाकत से बार-बार कह रही है कि वह आकर उसे अपने साथ ले जाए, ताकि दोनों समाज और परिवार के दबाव से दूर अपनी नई जिंदगी शुरू कर सकें। दोनों का कहना है कि वे एक-दूसरे से सच्चा प्यार करते हैं और अब किसी भी हालत में अलग नहीं होना चाहते।
इस प्रेम कहानी ने स्थानीय स्तर पर भी लोगों के बीच चर्चा पैदा कर दी है। कुछ लोग इसे सच्चे प्यार की मिसाल मान रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग मजहबी और सामाजिक परंपराओं का हवाला देते हुए इस रिश्ते पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल दोनों प्रेमी अपने रिश्ते को बचाने और शादी कर साथ रहने की उम्मीद में हैं।

