खीरी जिले के सिंगाही थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत नौरंगाबाद में 1 अप्रैल 2026 को दबंगों द्वारा बर्बर हमले का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो दर्जन से अधिक लोगों ने गांव की विधवा महिलाओं और उनके परिवार पर धारदार हथियारों और लाठियों से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमलावरों ने घर में घुसकर नगदी, जेवर और अन्य सामान लूट लिया और पीड़ितों का घर भी आग के हवाले कर दिया।
पीड़ितों में रमदेई (पत्नी स्व. शिवरतन), राममूर्ति देवी (पत्नी लेखराम यादव), पुष्पा देवी, दूलावती, शर्मा देवी, पिंकी यादव (मूक-बधिर) सहित अन्य महिलाएं शामिल हैं। घटना के दौरान महिलाओं को घर से खींचकर सड़क पर लाकर बेरहमी से पीटा गया, जिससे वे लहूलुहान हो गईं।
पीड़ितों का आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर सिंगाही थाने पहुंचीं, तो पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उल्टा उनके ही परिवार के 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इतना ही नहीं, पुष्पा यादव, दीपू यादव और दूलावती को उसी दिन गिरफ्तार कर जिला कारागार लखीमपुर भेज दिया गया। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि उनके घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं है और वे सभी विधवा एवं निराश्रित हैं, इसके बावजूद उन्हें थाने से भगा दिया गया।
न्याय की आस में पीड़ित महिलाएं क्षेत्राधिकारी निघासन के पास भी पहुंचीं, लेकिन वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद 2 अप्रैल को उन्होंने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
महिलाओं ने मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए, उनके खिलाफ दर्ज कथित झूठे मुकदमे की जांच कर उसे समाप्त किया जाए और उनके पुस्तैनी घर पर हो रहे अवैध कब्जे को तत्काल रोका जाए। साथ ही, गांव से पलायन कर चुकी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान कर उन्हें उनके घर में सुरक्षित रहने दिया जाए।
घटना के बाद गांव में भय और आक्रश का माहौल है। पीड़ितों का आरोप है कि स्थानीय थाना प्रभारी द्वारा आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।

