कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)।
सऊदी अरब में रोजगार दिलाने के नाम पर कुशीनगर के एक युवक के साथ बड़ा फ्रॉड सामने आया है। पीड़ित युवक नासिर का आरोप है कि उसके साथ अन्य तीन लोगों को भी इसी गिरोह ने शिकार बनाया और चारों से कुल मिलाकर ₹5,60,000 की ठगी की गई। मामला सऊदी वर्क वीज़ा आवेदन से जुड़ा है, जहां दस्तावेज़ों में गंभीर गड़बड़ियों और गलत विवरण दर्ज किए जाने का आरोप लगाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नासिर का जन्म 01 जनवरी 1994 को कुशीनगर, उत्तर प्रदेश में हुआ है। वह भारतीय नागरिक है और पुरुष है। नासिर का कहना है कि उसके नाम पर सऊदी वर्क वीज़ा से संबंधित प्रक्रिया कराई गई, लेकिन इसमें उसके व्यक्तिगत दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ की गई और वास्तविक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
दस्तावेज़ों में भारी गड़बड़ी
पीड़ित के अनुसार, रिकॉर्ड में NASIR / RAJJAK नाम का इस्तेमाल किया गया है। दस्तावेज़ों में जारी करने का स्थान लखनऊ दर्शाया गया है। फाइल नंबर LK1060844283417 बताया जा रहा है। पुराने पासपोर्ट/दस्तावेज़ों के विवरण, जारी होने की तिथि और स्थान को लेकर भी कई विरोधाभास सामने आए हैं।
दस्तावेज़ों में माता का नाम AINULIYA KHATOON और पत्नी का नाम TAIBUN NESHA दर्ज है। पता H. No-14, नारायणपुर, शंकर पटखौली, कुशीनगर, पिन-274401, उत्तर प्रदेश बताया गया है। नासिर का आरोप है कि इन्हीं जानकारियों के आधार पर वीज़ा प्रक्रिया दिखाई गई, लेकिन न तो सही जानकारी दी गई और न ही वैध तरीके से प्रक्रिया पूरी की गई।
चार लोगों से 5.60 लाख की सामूहिक ठगी
नासिर ने बताया कि वह अकेला पीड़ित नहीं है। उसके साथ तीन अन्य युवकों से भी विदेश में नौकरी और वर्क वीज़ा दिलाने का झांसा देकर पैसे लिए गए। चारों से मिलकर ₹5,60,000 वसूले गए, लेकिन न तो वैध वीज़ा मिला और न ही विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी हुई। बाद में पैसे मांगने पर टालमटोल की गई और संपर्क भी टूट गया।
कार्रवाई की मांग
पीड़ितों ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, यह पता लगाया जाए कि किस एजेंट या गिरोह ने दस्तावेज़ों का दुरुपयोग किया और वीज़ा प्रक्रिया में हेराफेरी की। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कर ठगी की रकम वापस दिलाई जाए।
यह मामला एक बार फिर विदेश भेजने के नाम पर चल रहे कथित फर्जीवाड़े और एजेंटों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
क्या है पूरा मामला
सऊदी वर्क वीज़ा के नाम पर 5.60 लाख की ठगी, कुशीनगर के चार युवक बने शिकार
कुशीनगर जिले से सऊदी अरब में रोजगार दिलाने के नाम पर बड़े फ्रॉड का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक नासिर ने बताया कि उसके साथ ही तीन अन्य युवकों को भी विदेश भेजने का झांसा देकर ठगा गया। चारों से मिलकर कुल ₹5,60,000 की रकम ली गई, लेकिन न तो वैध वर्क वीज़ा मिला और न ही नौकरी।
पीड़ित के अनुसार, एजेंटों ने सऊदी अरब में पैकेजिंग वर्कर समेत अन्य पदों पर काम दिलाने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में पासपोर्ट, आधार, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज़ ले लिए गए। इसके बाद वीज़ा प्रक्रिया के नाम पर बार-बार पैसे मांगे गए। विश्वास में आकर नासिर और अन्य तीन युवकों ने तय रकम एजेंटों को सौंप दी।
कुछ समय बाद जब वीज़ा से जुड़े कागजात दिखाए गए, तो उनमें गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं। दस्तावेज़ों में नाम NASIR/RAJJAK, जारी करने का स्थान लखनऊ, फाइल नंबर LK1060844283417 जैसे विवरण दर्शाए गए, लेकिन कई जानकारियां आपस में मेल नहीं खा रही थीं। पुराने पासपोर्ट से संबंधित तिथियों और विवरणों में भी विरोधाभास पाया गया। नासिर का आरोप है कि उसके दस्तावेज़ों के साथ छेड़छाड़ कर गलत जानकारी दर्ज की गई।
नासिर ने बताया कि जब उन्होंने एजेंटों से सही वीज़ा, स्पॉन्सर और नौकरी की पुष्टि मांगी, तो उन्हें टालमटोल जवाब मिलने लगे। बाद में एजेंटों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। इसके बाद पीड़ितों को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हो चुकी है।
अब नासिर और अन्य पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों की पहचान हो और ठगी की रकम वापस दिलाई जाए। यह मामला विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े और बेरोजगार युवाओं के शोषण पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

