दिल्ली से नाबालिग छात्र के लापता होने का मामला लगातार पेचीदा होता जा रहा है। अब सामने आया है कि लापता किशोर दिपांशु गर्ग और सासाराम गांव की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी खुशी एक ही स्कूल में पढ़ते थे। इस नए खुलासे के बाद पुलिस जांच की दिशा और तेज कर दी गई है।
दिपांशु गर्ग के पिता श्याम भजन शर्मा के अनुसार, उनका बेटा 30 दिसंबर 2025 की रात करीब 9 बजे से लापता है। मोबाइल फोन बंद है और रिश्तेदारी सहित सभी संभावित ठिकानों पर तलाश के बावजूद अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार का कहना है कि बेटे के अचानक गायब होने के पीछे पुराना मामला फिर से दोहराए जाने की आशंका है।
परिजनों ने बताया कि इससे पहले 31 जनवरी 2025 को भी दिपांशु और खुशी दोनों अचानक घर से चले गए थे। उस समय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 18 फरवरी 2025 को दोनों को रांची से बरामद किया था। अब एक बार फिर दिपांशु के लापता होने पर परिजन आशंका जता रहे हैं कि वह उसी किशोरी के साथ गया हो सकता है।
बताया जा रहा है कि खुशी मूल रूप से सासाराम गांव की रहने वाली है और दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रही है। उसके माता-पिता भी दिल्ली में ही रहते हैं। दोनों के एक ही स्कूल में पढ़ने की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस स्कूल रिकॉर्ड, मित्रों के संपर्क और पुराने डिजिटल ट्रेल खंगाल रही है।
भीमान थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में नाबालिगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और पहले के रांची प्रकरण से जुड़े बिंदुओं की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी तरह की जानकारी मिलने पर तुरंत थाने को सूचित करें।
इलाके में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बार-बार नाबालिगों के लापता होने की घटनाओं ने अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, परिवार बेटे की सकुशल बरामदगी की उम्मीद में पुलिस कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।
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