दिनांक : 02 जनवरी 2026
स्थान : सूरत जिला (डिंडोली क्षेत्र)
सूरत जिले में छात्रों के बीच बढ़ती आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। इसी कड़ी में एक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां डिंडोली क्षेत्र में कक्षा 12वीं साइंस में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे इलाके में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छात्रा ने यह कदम उस समय उठाया जब घर के अन्य सदस्य सो रहे थे। सुबह करीब 5:30 बजे जब परिवार के लोग जागे, तब उन्हें इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिली। परिजनों के अनुसार छात्रा पढ़ाई में होशियार थी और उसका सपना डॉक्टर बनने का था।
घटना की सूचना मिलते ही डिंडोली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए एक्सीडेंटल डेथ (ADR) का मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि छात्रा ने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम किन कारणों से उठाया।
पुलिस द्वारा आत्महत्या के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। परिवारजनों से पूछताछ की जा रही है और छात्रा के मोबाइल व अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।
मृतका के पिता अजयभाई ओझा ने गहरे दुख के साथ बताया,
“हम सुबह करीब साढ़े पांच बजे उठे तो पता चला कि हमारी बेटी ने आत्महत्या कर ली। वह डॉक्टर बनना चाहती थी और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहती थी।”
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाज और अभिभावकों के लिए यह सोचने का विषय है कि बच्चों की मानसिक स्थिति पर समय रहते ध्यान दिया जाए, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

