नोएडा/आगरा।
आगरा जिले के थाना टेढ़ी बागिया क्षेत्र से जुड़ा एक मामला इन दिनों महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। 23 वर्षीय नेहा, जो इस समय तीन माह की गर्भवती हैं, अपने ही पति और ससुराल पक्ष से जान का खतरा महसूस कर रही हैं। नेहा का आरोप है कि उसके पति रोहित गोला ने उसे गर्भावस्था की हालत में छोड़ दिया, दूसरी लड़की से सगाई कर ली और अब पूरी तरह संपर्क तोड़ लिया है।
नेहा ने बताया कि उसकी और रोहित की लव मैरिज साल 2022 में हुई थी। दोनों पिछले करीब सात वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। शादी के बाद दोनों नोएडा में रहकर नौकरी कर रहे थे। शादी को चार साल पूरे हो चुके हैं और फिलहाल नेहा गर्भवती है।
सगाई के बहाने गांव गया, दूसरी लड़की से कर ली सगाई
23 नवंबर को रोहित ने नेहा से कहा कि गांव में उसकी चाची की बेटी की सगाई है और वह वहां जा रहा है। भरोसे में लेकर वह नेहा की करीब तीन ग्राम की सोने की चेन भी साथ ले गया। कुछ दिन बाद जब रोहित लौटा तो उसका व्यवहार बदला हुआ था।
नेहा को सच्चाई तब पता चली जब उसने इंस्टाग्राम पर रोहित और किसी दूसरी लड़की की सगाई की तस्वीरें देखीं। जब उसने रोहित से सवाल किया तो जवाब मिला कि “घरवालों के दबाव में सगाई करनी पड़ी।”
दहेज के लालच में दूसरी शादी का आरोप
नेहा का आरोप है कि रोहित और उसका परिवार दहेज के लालच में दूसरी शादी कराना चाहते थे। जब उसने इसका विरोध किया तो उसे नजरअंदाज किया गया। 2 दिसंबर को नेहा ने थाना टेढ़ी बागिया में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस के साथ वह रोहित के घर पहुंची, जहां लड़की पक्ष को भी बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में दूसरी सगाई टूट गई और दोनों पक्षों को समझाइश दी गई।
इसके बावजूद रोहित न तो नेहा के पास लौटा और न ही कोई जिम्मेदारी निभाई।
पति ने बंद किया फोन, पूरा परिवार ब्लॉक पर
नेहा का कहना है कि रोहित ने अपना मोबाइल फोन पूरी तरह बंद कर लिया है, जिससे उसका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य—पिता पप्पू, बड़ा भाई राहुल गोला, छोटा भाई विष्णु और बहन पूजा—ने भी नेहा का नंबर अपने फोन में ब्लॉक कर दिया है।
नेहा के अनुसार, सिर्फ ससुर पप्पू का एक मोबाइल नंबर (96277-39* ) ही चालू है**। इसी नंबर पर संपर्क होने पर नेहा को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। कहा जा रहा है कि अगर उसने दोबारा थाने जाने या ससुराल आने की कोशिश की तो उसे जान से मार दिया जाएगा। नेहा ने बताया कि पूरा नंबर पुलिस को लिखित रूप में दे दिया गया है।
पहले भी कराया गया था जबरन गर्भपात
नेहा ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उसका कहना है कि करीब एक साल पहले ससुराल वालों ने उसका जबरन गर्भपात कराया था। अस्पताल में नर्स को पैसे देकर कहा गया कि बच्चा मर गया है। जब नेहा ने अल्ट्रासाउंड कराने की जिद की तो अस्पताल ने उसे टाल दिया। अब दोबारा गर्भवती होने पर ही उसे छोड़ दिया गया।
“अब डर के साए में जी रही हूं”
नेहा भावुक होकर कहती है,
“अगर मैं अकेली होती तो कहीं भी जाकर काम कर लेती, लेकिन अब इस हालत में बच्चे के साथ कहां जाऊं? पति ने छोड़ दिया, ससुराल वाले धमका रहे हैं और पुलिस से भी मदद नहीं मिल रही।”
नेहा का आरोप है कि वह पिछले दो महीनों से थाने के चक्कर लगा रही है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। उसका कहना है कि ससुराल पक्ष प्रभाव और पैसों के दम पर बचने की कोशिश कर रहा है।
सिस्टम पर उठे सवाल
एक गर्भवती महिला को छोड़कर पति का फरार होना, दूसरी शादी की तैयारी और ससुराल से जान से मारने की धमकियां—यह मामला केवल घरेलू विवाद नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा और कानून की संवेदनशीलता की बड़ी परीक्षा बन गया है।
अब सवाल यह है कि क्या नेहा और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को समय रहते सुरक्षा और न्याय मिल पाएगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

