मंदिरों, विद्यालयों के आसपास सुबह तड़के बिक रही देशी शराब, कई वीडियो वायरल
बबीना (झाँसी): बबीना थाना क्षेत्र में *अवैध देशी शराब* की बिक्री अब चोरी-छिपे नहीं, बल्कि खुलेआम, निर्भीक और संरक्षित अपराध के रूप में सामने आ चुकी है। बीते कई महीनों से कस्वा क्षेत्र सहित पूरे बबीना में शराब माफिया बिना किसी डर के कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता जा रहा है कि यह गोरखधंधा केवल शराब विक्रेताओं तक सीमित नहीं है।
वीडियो साक्ष्यों में साफ देखा जा सकता है कि *श्री त्रिलोकीनाथ मंदिर* के ठीक सामने सुबह लगभग 5 बजे एक व्यक्ति बैग में भरकर *देशी शराब* के क्वार्टर बेच रहा है। बैग में दर्जनों क्वार्टर भरे हुए हैं। यह वही स्थान है जहाँ से कुछ ही दूरी पर *दो मंदिर और एक विद्यालय* स्थित हैं। सवाल यह है कि—
*क्या मंदिरों और स्कूलों* की पवित्रता व बच्चों की सुरक्षा अब बबीना में कोई मायने नहीं रखती?
दूसरे वीडियो में *बबीना बड़े तालाब* के समीप खुलेआम शराब बेची जा रही है, जबकि तीसरे वीडियो में *गोंची (रूरल) क्षेत्र* में बोरी में भरकर प्रतिदिन अवैध शराब की बिक्री की जा रही है। ये *तीन वीडियो केवल नमूना* भर हैं—हकीकत यह है कि बबीना का शायद ही कोई मोहल्ला बचा हो जहाँ यह गैरकानूनी कारोबार न चल रहा हो।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब स्थानीय *कस्वा प्रभारी* की जानकारी में हो रहा है और उन्हीं के संरक्षण के बिना यह धंधा इतने लंबे समय तक चल ही नहीं सकता। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि *नए थाना प्रभारी* को अज्ञान में रखा गया, जबकि एक युवा उपनिरीक्षक की सक्रिय भूमिका की चर्चा आम हो चुकी है।
यह स्थिति केवल अवैध शराब का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह
पुलिस की कार्यप्रणाली,
आबकारी नियमों की विफलता, और
कानून-व्यवस्था के मज़ाक का जीवंत उदाहरण बन चुकी है।
यदि वीडियो साक्ष्य सामने आने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह मानने में कोई संकोच नहीं रह जाता कि वर्दी अपराधियों की ढाल बन चुकी है। यह सीधे-सीधे शासन की मंशा और पुलिस प्रशासन की साख पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
क्षेत्रवासियों की दो टूक माँग है कि—
बबीना थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री तत्काल पूर्णतः बंद की जाए,
संरक्षण देने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों की निष्पक्ष जाँच हो,
दोषी पाए जाने पर निलंबन व विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए,
अन्यथा यह चुप्पी भी अपराध में सहभागिता मानी जाएगी।
अब देखना यह है कि प्रशासन कार्रवाई करता है या फिर यह अवैध साम्राज्य यूँ ही फलता-फूलता रहेगा।

