दिनांक: 2 फरवरी 2026
स्थल: चंद्रणा गाँव, पाटण जिला, गुजरात
रिपोर्ट: जय जोषी
गुजरात के पाटण जिले के चंद्रणा गाँव से जातिगत भेदभाव का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर समाज में गहरे जमे जातिवादी मानसिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना उस समय घटी जब चावड़ा परिवार के एक दलित युवक की बारात पूरे रीति-रिवाज के साथ निकाली जा रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर बारात के साथ आगे बढ़ा, उसी गाँव के ठाकुर समाज के कुछ लोगों ने रास्ता रोक लिया। आरोप है कि उन्होंने न केवल बारात को आगे बढ़ने से रोका, बल्कि दूल्हे को जबरन घोड़ी से उतार भी दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि विवाद इतना बढ़ गया कि ठाकुर पक्ष के कुछ लोगों ने तलवारें भी निकाल लीं, जिससे बारात में शामिल लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि, किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना अभी तक नहीं मिली है।
ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच पहले से ही पुराना विवाद चल रहा था, जिसे इस घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह विवाद व्यक्तिगत था या जातिगत।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रित किया। इस मामले में दलित परिवार की ओर से कई लोगों के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट (SC/ST Act) के तहत मामला दर्ज कराया गया है।
पाटण पुलिस ने कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि तलवार लहराने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और इसके पीछे की असली वजह क्या थी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब देश तकनीकी और आर्थिक रूप से आगे बढ़ रहा है, तब भी समाज के कुछ हिस्सों में जातिवादी सोच अब भी गहराई तक जमी हुई है।

