आगरा/जगनेर।
आगरा जिले के थाना जगनेर क्षेत्र में भरोसे के साथ हुए छल का बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। गांव से बड़ा निवासी 36 वर्षीय विधवा पिंकी अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ न्याय की तलाश में दर-दर भटक रही हैं। पति के निधन के चार महीने बाद जिस व्यक्ति ने उन्हें जीवन भर साथ निभाने का वादा किया था, वही अब शादी से मुकर गया है और अपना रिश्ता तोड़ चुका है।
पीड़िता पिंकी फिलहाल C/O 10 गंगा सिंह, सेवला जाट, आगरा (उत्तर प्रदेश–282001) पर रह रही हैं। उनके तीन बच्चे हैं—14 साल की सुरभि, 12 साल की कंचन और 10 साल की वंशिका। परिवार पहले ही पति की मौत के सदमे से उबर नहीं पाया था कि अब यह नया संकट आ खड़ा हुआ है।
पिंकी के अनुसार, पति के जीवित रहते ही उनकी दोस्ती गांव नूनी, थाना जगनेर निवासी देव शर्मा उर्फ अन्ना से हो गई थी। करीब 8–10 महीने तक दोनों किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह साथ रहे। पिंकी का कहना है कि देव ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह उनके साथ कोर्ट मैरिज करेगा और जिंदगी भर साथ देगा। इसी भरोसे पर पिंकी ने अपना भविष्य उससे जोड़ लिया।
लेकिन अब सच्चाई सामने आई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पिंकी का आरोप है कि देव ने पहले कभी नहीं बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसका एक बेटा भी है। अब वह कह रहा है कि उसकी पत्नी उसे पिंकी से शादी करने या साथ रहने नहीं दे रही है। पिछले एक महीने से यही बहाना बनाकर मामला टाला जा रहा है, जबकि पिंकी लगातार मानसिक प्रताड़ना झेल रही हैं।
तीनों बेटियों की हालत सबसे ज्यादा दयनीय है। मां के साथ कभी कोर्ट, कभी थाने और कभी देव शर्मा के घर के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। घर में कोई स्थायी आय नहीं है, पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च का संकट बना हुआ है।
पिंकी का गंभीर आरोप है कि स्थानीय पुलिस मामले को हल्के में ले रही है और “थोड़े पैसे लेकर मामला रफा-दफा करने” की बात कही जा रही है। कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही, जिससे वे पूरी तरह असहाय महसूस कर रही हैं।
अब पिंकी ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि देव शर्मा के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो, उन्हें और उनकी बेटियों को सुरक्षा मिले और न्याय सुनिश्चित किया जाए। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी महिला संरक्षण कानूनों के तहत त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

