[11:51, 13/02/2026] ekhabar: दिनांक 12/02/2026 को थाना आवापल्ली क्षेत्रांतर्गत थाना आवापल्ली, केरिपु 196 एवं 170वीं वाहिनी की संयुक्त टीम आवापल्ली- मुरदण्डा सड़क मार्ग पर डिमाईनिंग ड्यूटी हेतु निकली थी।
🔳 आवापल्ली -मुरदण्डा मार्ग में बीडी टीम के द्वारा मुरदण्डा कैम्प से 3.00 किमी की दूरी पर मुख्यमार्ग पर सड़क के साईड से Foxhole कर 05 फिट अंदर एवं सड़क से 02 फिट नीचे माओवादियों के द्वारा लगाए गए लगभग 30 किग्रा का IED डिटेक्ट किया गया।
🔳 माओवादियों के द्वारा बड़े वाहनों को टार्गेट करने के उद्देश्य से IED को सड़क के नीचे लगाया गया था, जिसे डिमाईनिंग के दौरान डिटेक्ट होने पर सुरक्षित रूप से आईईडी को बाहर निकालने का प्रयास किया गया लेकिन आईईडी ज्यादा गहराई में लगे होने से सुरक्षा की दृष्टिकोण से मौके पर नष्ट किया गया।
🔳 माओवादियों द्वारा बड़ी वाहनों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से स्वीच सिस्टम से IED सड़क के नीचे प्लांट किया गया था।
🔳 सुरक्षा बलो की सतर्कता एवं सूझबूझ से माओवादियों के नापाक मंसूबो को विफल किया गया।
🔳 आईईडी नष्टीकरण से सड़क में गहरा गड्ढा हुआ है जिसे भरकर आवागमन बहाल किया गया है।
🔳 दिनांक 12/02/2026 को थाना गंगालूर क्षेत्रान्तर्गत FOB डोडीतुमनार क्षेत्र में केरिपु 153 वाहिनी के द्वारा डिमाईनिंग के दौरान माओवादियों के द्वारा लगाये गये 05 किग्रा के प्रेशर IED को डिटेक्ट कर मौके पर नष्ट किया गया।
🔳 थाना कुटरू क्षेत्रांतर्गत कोबरा 210 वाहिनी के द्वारा माओवादी विरोधी अभियान के दौरान माड़ क्षेत्र में इन्द्रावती नदी के किनारे वर्ष 2025 में मारे गए कुख्यात माओवादी कमांडर सीसीएम बसवराजू की स्मृति में माओवादियों द्वारा निर्मित स्मारक को सुरक्षा बलों द्वारा चिन्हित कर पूर्ण रूप से ध्वस्त किया गया। इसी क्रम में थाना गंगालूर क्षेत्रांतर्गत केरिपु 222 वाहिनी की टीम द्वारा तोड़का–कोरचोली एवं पेद्दाकोरमा के घने जंगल क्षेत्र में सर्चिंग एवं एरिया डॉमिनेशन के दौरान माओवादियों द्वारा बनाए गए स्मारकों को केरिपु 222 वाहिनी की टीम द्वारा साहसिक एवं अनुशासित कार्रवाई करते हुए इन माओवादी स्मारकों को पूरी तरह ध्वस्त किया गया।
🔳 यह कार्रवाई माओवादी संगठन की हिंसक विचारधारा, मनोवैज्ञानिक प्रभाव एवं जनविरोधी प्रचार को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सुरक्षा बलों की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों, प्रतीकों एवं अवैध संरचनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है।

