ब्रेकिंग न्यूज़ | सिंगरौली
सिंगरौली से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां ई खबर मीडिया के रिपोर्टर रमेश चंद्र जायसवाल द्वारा उठाए गए मुद्दे के बाद सरई नगर परिषद में विवाद गहराता नजर आ रहा है।
जानकारी के अनुसार, 27 फरवरी 2026 को रिपोर्टर रमेश चंद्र जायसवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी सूची के संबंध में सरई नगर परिषद कार्यालय का एक वीडियो बनाया था, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। रिपोर्ट के अनुसार उस वीडियो में किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे कंप्यूटर या लैपटॉप का स्क्रीन रिकॉर्ड नहीं किया गया था।
मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर रिपोर्टर रमेश चंद्र जायसवाल ने जिला प्रशासन को आवेदन दिया और इस विषय में शिकायत लेकर वे भोपाल जाकर जिला कलेक्टर तथा राज्य सरकार तक अपनी बात पहुंचाने भी गए थे।
बताया जा रहा है कि जब इस मामले की जानकारी नगर परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीएमओ) को हुई, तो उनके निर्देश पर कर्मचारियों द्वारा रिपोर्टर रमेश चंद्र जायसवाल के खिलाफ सरई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
रिपोर्टर का आरोप है कि यह कार्रवाई उन्हें दबाव में लेने की कोशिश है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में गड़बड़ी की आशंका है, जिसमें कुछ अपात्र लोगों को पात्र घोषित कर दिया गया है और वास्तविक पात्र लोगों को सूची से वंचित कर दिया गया है।
इसी बीच एक और गंभीर आरोप सामने आया है। रिपोर्टर रमेश चंद्र जायसवाल का कहना है कि वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद प्रेम सिंह भाटी ने उन्हें फोन के माध्यम से धमकी दी। आरोप है कि पार्षद ने कहा कि यदि आवास योजना की सूची में किसी का नाम कटता है तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। रिपोर्टर के अनुसार इस बातचीत का ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास प्रमाण के रूप में मौजूद है।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में कई सवाल खड़े हो रहे हैं—
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क्या प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में वास्तव में गड़बड़ी हुई है?
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क्या मुद्दा उठाने पर पत्रकार को दबाव में लेने की कोशिश की जा रही है?
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और क्या प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगा?
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
रिपोर्ट: ई खबर मीडिया
संवाददाता – रमेश चंद्र जायसवाल, सिंगरौली (मध्य प्रदेश)

