मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के सरई नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गई हैं।
बताया जा रहा है कि पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ देने के बजाय अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची में जोड़े गए, जबकि कई जरूरतमंद और योग्य परिवारों को जानबूझकर वंचित कर दिया गया। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बना दिया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि नगर परिषद की अध्यक्ष अनुराधा सिंह का नाम भी पीएम आवास योजना की प्रथम चरण की सूची में शामिल बताया जा रहा है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह नियमों और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इसके अलावा, नगर परिषद में शव वाहन (हेर्स व्हीकल) के लिए निकाले गए टेंडर में भी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। आरोप है कि शव वाहन के लिए स्वीकृत बजट का उपयोग कर निजी एंबुलेंस खरीदी गई। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि टेंडर से जुड़े दस्तावेज इस अनियमितता की पुष्टि कर रहे हैं।
जनता की मांग:
स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, बढ़ते दबाव के बीच जांच की मांग तेज हो गई है।
निष्कर्ष:
सरई नगर परिषद में सामने आए ये आरोप प्रशासनिक पारदर्शिता और योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

