उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। हिमालयी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मार्च महीने में बढ़ती गर्मी पर पश्चिमी विक्षोभ ने ब्रेक लगा दिया है, जिससे लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
मौसम विभाग द्वारा जारी ताज़ा चेतावनी के अनुसार 20 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में ओलावृष्टि, तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
ओलावृष्टि की संभावना बांदा, फतेहपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, जालौन और हमीरपुर सहित आसपास के इलाकों में अधिक है।
इसके अलावा तड़ित झंझावात यानी गरज-चमक और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, जालौन और हमीरपुर में जताई गई है।
वहीं प्रयागराज, सोनभद्र और मिर्जापुर जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषकर किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करें, क्योंकि ओलावृष्टि और तेज हवाएं नुकसान पहुंचा सकती हैं।
स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।
रिपोर्ट: फरीद अहमद, सीतापुर


