सीतापुर जिले के तंबौर कस्बे सहित पूरे क्षेत्र में रमजान माह का आखिरी जुम्मा, जिसे ‘अलविदा’ कहा जाता है, इस बार खास उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों में नमाज अदा करने वालों की भीड़ उमड़ने लगी थी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर, इत्र लगाकर और पूरे जोश के साथ मस्जिदों का रुख किया।
जुम्मे की नमाज के दौरान इमामों ने रोज़े की अहमियत, इंसानियत, भाईचारे और अमन-शांति का पैगाम दिया। नमाज के बाद देश और समाज में सुख-शांति, तरक्की और आपसी सौहार्द बनाए रखने की दुआएं मांगी गईं। तंबौर कस्बे की प्रमुख मस्जिदों में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम देखने को मिले, ताकि नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। पुलिस बल तैनात रहा और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया।
इस बार अलविदा जुम्मे को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला। माना जा रहा है कि यदि 21 तारीख को ईद का चांद नजर आता है, तो इस साल अलविदा जुम्मा दो बार पड़ने की स्थिति बन सकती है, जो अपने आप में एक दुर्लभ संयोग होगा।
रमजान के इस पवित्र महीने के अंतिम जुम्मे पर लोगों ने अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगी और पूरे विश्व में शांति और भाईचारे की दुआ की।
रिपोर्ट: फरीद अहमद, तंबौर (सीतापुर)


