पंचकूला/ 25 मार्च:- पंचकूला पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक बार फिर एक परिवार की खुशियां लौटने में कामयाबी हासिल की है। मूल रूप से बिहार के रहने वाले और वर्तमान में पंचकूला के रामगढ़ क्षेत्र में रह रहे एक परिवार की 17 वर्षीय बेटी, जो अचानक बिना बताए घर से कहीं चली गई थी, उसे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज एक घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया है।
घटना के अनुसार, 23 मार्च को किशोरी के लापता होने के बाद परिजनों ने अपने स्तर पर उसे हर संभावित स्थान पर तलाशा, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने घबराकर 24 मार्च को इसकी सूचना रामगढ़ पुलिस चौकी में दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए चौकी इंचार्ज तजिन्द्र पाल सिंह की अगुवाई में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीकों और स्थानीय इनपुट का सहारा लेते हुए तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस की मुस्तैदी का ही परिणाम था कि लापता किशोरी को उसी दिन शाम करीब 7 बजे डेराबस्सी बस स्टैंड से सकुशल ढूंढ निकाला गया। कागजी कार्रवाई पूरी करने के पश्चात, रात करीब 8 बजे किशोरी को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया, जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता: पंचकूला पुलिस नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। रामगढ़ चौकी टीम ने जिस तत्परता के साथ एक घंटे के भीतर बच्ची को खोज निकाला, वह सराहनीय है। हमारा उद्देश्य नागरिकों की हरसंभव मदद कर पुलिस के प्रति उनके विश्वास को और मजबूत करना है। परिजनों का आभार हमारे लिए सबसे बड़ा प्रोत्साहन है।
किशोरी के पिता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गहरा संतोष व्यक्त किया और भावुक होते हुए रामगढ़ पुलिस चौकी इंचार्ज व उनकी पूरी टीम का सहृदय धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की सक्रियता के कारण ही उनकी बेटी इतनी जल्दी और सुरक्षित घर वापस लौट सकी है।
ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा स्टेट हेड देव दर्शन शर्मा की रिपोर्ट


