बल्दीराय तहसील में जमीन बैनामा और अधिवक्ता पत्र पर बड़ा विवाद, पूनम बनाम गीता देवी केस ने मचाई हलचल

Date:

सुल्तानपुर:
जिले की तहसील बल्दीराय में एक पुराने वाद ने अब सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। वर्ष 2006 से जुड़े पूनम बनाम गीता देवी प्रकरण में अधिवक्ता नियुक्ति पत्र और जमीन बैनामा को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी और अंगूठा निशान को लेकर उठे सवालों ने पूरे मामले को कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा का केंद्र बना दिया है।

जानकारी के मुताबिक, 24 मार्च 2016 को बार एसोसिएशन बल्दीराय में प्रस्तुत एक अधिवक्ता नियुक्ति पत्र में वादी द्वारा अपने अधिवक्ता को व्यापक अधिकार दिए गए थे। इसमें वाद की पैरवी से लेकर दस्तावेज प्रस्तुत करने, समझौता करने और डिग्री की राशि प्राप्त करने तक की अनुमति शामिल थी। लेकिन अब इसी दस्तावेज की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि दस्तावेज में दर्ज सहमति और हस्ताक्षर पूरी तरह पारदर्शी नहीं हैं।

मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब गीता देवी के अंगूठा निशान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि जिस समय गीता देवी अंगूठा लगाने की स्थिति में थीं, उस समय उनके अंगूठे का निशान दस्तावेज में नहीं लिया गया। इस आधार पर पूरे अधिवक्ता पत्र को संदिग्ध बताया जा रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

इसी बीच एक और बड़ा आरोप सामने आया है कि पूनम चौरसिया, पवन कुमार और रेशमा द्वारा विवादित जमीन का बैनामा अपने नाम करा लिया गया। बताया जा रहा है कि यह बैनामा उसी विवादित प्रक्रिया के दौरान हुआ, जिससे गीता देवी पक्ष को भारी नुकसान होने की आशंका है। इस घटनाक्रम ने मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है और जमीन से जुड़े इस विवाद ने अब कानूनी जटिलता का रूप ले लिया है।

स्थानीय लोगों और कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अधिवक्ता नियुक्ति पत्र या बैनामा प्रक्रिया में किसी प्रकार की धोखाधड़ी या अनियमितता साबित होती है, तो यह न केवल संबंधित वाद को प्रभावित करेगा, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करेगा। ऐसे मामलों में दस्तावेजों की गहन जांच, हस्ताक्षर और अंगूठा निशान की पुष्टि तथा पूरी प्रक्रिया की वैधता की पड़ताल बेहद आवश्यक हो जाती है।

फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य जुटाने में लगे हुए हैं। तहसील और न्यायालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की मांग तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस पर प्रशासनिक या न्यायिक स्तर पर ठोस कार्रवाई संभव है।

यह मामला अब न सिर्फ स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है, जहां लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर सच्चाई क्या है और न्याय किसे मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

गौतम बुद्धनगर में एटीएम कार्ड बदलकर 39 हजार रुपये की ठगी, बैंक ग्राहक के साथ दिनदहाड़े बड़ी वारदात

कुनेशरा, गौतम बुद्धनगर, उत्तर प्रदेश गौतम बुद्धनगर के कुनेशरा क्षेत्र...