पीड़िता तंवर बाई पत्नी राजेन्द्र सिंह ने पुलिस उप अधीक्षक तालेड़ा, जिला बून्दी को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना 21 जनवरी 2026 की रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे गांव में सनसनी फैला दी है।
पीड़िता के अनुसार, घटना वाली रात वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थी। इसी दौरान गांव के ही निवासी देवप्रकाश गुर्जर पुत्र रामनिवास और कन्हैयालाल मेघवाल, जो कथित रूप से नशे की हालत में थे, जबरन उनके घर में घुस आए। आरोप है कि घर में घुसते ही दोनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र व्यवहार करने लगे।
शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों ने पीड़िता के पुत्र दशरथ सिंह के साथ पहले कहासुनी की और फिर मारपीट पर उतारू हो गए। जब मां तंवर बाई अपने बेटे को बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो देवप्रकाश गुर्जर ने उनके साथ हाथापाई की और अश्लील हरकतें कीं। इसी बीच शोर सुनकर उनकी पुत्री गोविन्द कंवर घर से बाहर आई और मां को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ भी गाली-गलौज की और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि दोनों आरोपी नशे के आदी हैं और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। देवप्रकाश गुर्जर ने उनके पुत्र को जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि अगर वह अकेला मिला तो उसे खत्म कर देगा और पुलिस भी उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इस धमकी के बाद परिवार दहशत में है।
शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है कि देवप्रकाश गुर्जर गांव में अवैध खनन का काम करता है और रोज ट्रैक्टर से मिट्टी निकालता है। पीड़िता का कहना है कि इसी बात को लेकर वह उनके पुत्र पर झूठा शक कर रहा है कि उसने पुलिस में शिकायत की है, जबकि परिवार का इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
इसके अलावा कन्हैयालाल मेघवाल पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के मुताबिक उसने पूरे परिवार को धमकी दी कि यदि वे थाने में शिकायत करने गए तो उन पर झूठा मुकदमा दर्ज करवा देगा। इन धमकियों के कारण परिवार मानसिक रूप से बेहद परेशान और भयभीत है।
घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज, महिलाओं के साथ अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने के मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।

