आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से मजदूरों के शोषण और बकाया मजदूरी न मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। सीतापुर से काम करने गए मजदूरों ने ठेकेदार पर महीनों तक काम कराने के बाद मजदूरी का भुगतान न करने का आरोप लगाया है। परेशान मजदूरों ने थाना निजामाबाद में शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित पैर पुत्र सकटू निवासी ग्राम मोतीपुर थाना सकरन जिला सीतापुर ने बताया कि गांव के ही रामू पुत्र गमादीन उन्हें और करीब 20 अन्य मजदूरों को दिहाड़ी मजदूरी के लिए आजमगढ़ लेकर आया था। आरोप है कि ठेकेदार सुरेख सिंह के यहां काम कराने के नाम पर सभी मजदूरों से लगातार मेहनत कराई गई।
मजदूरों के अनुसार वे लोग पिछले करीब पांच महीनों से लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पूरी मजदूरी नहीं दी गई। आरोप है कि केवल खाने-पीने के लिए थोड़ा बहुत खर्च दिया जाता रहा, जबकि मेहनताना टालमटोल कर रोका गया।
पीड़ित मजदूरों का कहना है कि ठेकेदार बार-बार “आज-कल” कहकर भुगतान टालता रहा। इस बीच मजदूर आर्थिक तंगी से जूझने लगे हैं। कई मजदूर बीमार हैं और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। मजदूरों ने बताया कि उनके बच्चे भूखमरी जैसी स्थिति में पहुंच चुके हैं।
मामले में एक कथित समझौता पत्र भी सामने आया है, जिसमें ठेकेदार द्वारा मजदूरी का भुगतान करने का आश्वासन दिया गया था। आरोप है कि तय समय बीत जाने के बाद भी पूरा पैसा नहीं दिया गया। मजदूरों का कहना है कि अब उन्हें डर है कि उनका मेहनताना हड़प लिया जाएगा।
पीड़ितों ने थाना निजामाबाद में शिकायत देकर प्रशासन से बकाया मजदूरी दिलाने और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मजदूरों का कहना है कि वे दूर-दराज से मेहनत मजदूरी करने आए थे, लेकिन अब उनके पास घर लौटने तक के पैसे नहीं बचे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मजदूरों के शोषण के ऐसे मामले लगातार सामने आते रहते हैं, लेकिन कई बार गरीब मजदूरों की सुनवाई नहीं हो पाती। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर पीड़ित मजदूरों को न्याय दिलाने की मांग की है।
फिलहाल मजदूर अपने मेहनत के पैसे मिलने की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।

