पानीपत।
हरियाणा के पानीपत जिले के इसराना तहसील अंतर्गत गांव नौल्था (दुगरान पाना) के ग्रामीण पिछले करीब 15 वर्षों से एक गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। गांव के बीच स्थित नाला और तालाब लंबे समय से गंदे और दूषित पानी से भरे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है, जिसके कारण लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। नाले और तालाब का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के मकानों में घुस जाता है। इससे घरों में रहने वाले बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है और लोगों को संक्रमण तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से जमा गंदे पानी और उचित निकासी व्यवस्था के अभाव के कारण पूरा इलाका परेशानी का केंद्र बन गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों ने यह भी दावा किया है कि इस नाले और तालाब के कारण अब तक दो बच्चों सहित लगभग छह से सात लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जाता है कि कई बार लोग और पशु भी इस क्षेत्र में हादसों का शिकार हो चुके हैं, जिससे गांव में लगातार भय का माहौल बना रहता है।
गांव के रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले और तालाब की उचित सफाई कराई जाए, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए तथा लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। कुछ ग्रामीणों ने तालाब और नाले को भरने अथवा सुरक्षित तरीके से विकसित करने की मांग भी उठाई है, ताकि क्षेत्र में रहने वाले लोग सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में अपना जीवन यापन कर सकें।

