वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य रहे पूर्व भारतीय क्रिकेटर को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें मुंबई की टीम में मेंटर की भूमिका संभालने का जिम्मा दिया गया है।
भारत ने साल 1983 में पहली बार ODI वर्ल्ड कप जीतकर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था। संदीप पाटिल वर्ल्ड कप जीतने वाली इस भारतीय टीम के अहम सदस्य थे, जिनकी लंबे समय बाद मुंबई क्रिकेट में वापसी हो गई है। संदीप पाटिल लगभग एक दशक बाद मुंबई क्रिकेट में फिर से नजर आएंगे। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन यानी MCA ने 1983 वर्ल्ड कप विजेता पाटिल को आने वाले घरेलू सीजन के लिए सीनियर और एज-ग्रुप मेन्स टीमों का टीम मेंटर नियुक्त किया है। MCA के प्रेसिडेंट अजिंक्य नाइक ने 23 जून को पाटिल की नियुक्ति की पुष्टि की। उन्हें मुंबई के सबसे कामयाब क्रिकेटरों में से एक होने के नाते घरेलू सीजन की तैयारी और अगली पीढ़ी का मार्गदर्शन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है
पाटिल के लिए यह एक तरह से घर वापसी जैसा है। मुंबई के पूर्व कप्तान संदीप पाटिल क्रिकेट एडमिनिस्ट्रेशन में आखिरी बार साल 2016 में एक्टिव भूमिका में थे, जब उन्होंने भारतीय टीम के चीफ सिलेक्टर के तौर पर चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद सिलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था। पाटिल ने अक्टूबर 2022 में एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पद का चुनाव लड़ा था, लेकिन वे कड़े मुकाबले में दिवंगत अमोल काले से हार गए थे। इस हार ने उन्हें मुंबई क्रिकेट से दूर कर दिया था।
1983 वर्ल्ड कप जिताने में दिया अहम योगदान
पाटिल की पहचान सिर्फ उनके आक्रामक खेल तक ही सीमित नहीं है, जिसने 1983 में भारत की वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई थी। 1986 में इंटरनेशनल क्रिकेट से जल्दी संन्यास लेने के बाद उन्होंने कोच और एडमिनिस्ट्रेटर के तौर पर शानदार काम किया। उन्होंने 1996 में कुछ समय के लिए भारत के हेड कोच के तौर पर काम किया और इंडिया ए के कोच के तौर पर भी काफी सफल रहे। उन्होंने क्रिकेटरों की एक ऐसी पीढ़ी को तैयार करने में मदद की जिसमें युवा महेंद्र सिंह धोनी भी शामिल थे।
बतौर कोच दिखा चुके हैं जलवा
इंटरनेशनल लेवल पर पाटिल ने केन्या को 2003 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंचाकर खूब तारीफें बटोरीं थी। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु में नेशनल क्रिकेट एकेडमी की कमान संभाली और फिर 2012 से 2016 तक नेशनल सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन रहे। मेंटर की भूमिका में पाटिल मुंबई की सीनियर और अलग-अलग उम्र की टीमों के साथ काम करेंगे। वे घरेलू क्रिकेट की इस दिग्गज टीम के साथ अपना भरपूर अनुभव साझा करेंगे, जो 2025-26 सीजन में कोई ट्रॉफी न जीत पाने के बाद फिर से खिताब जीतने वाली लय हासिल करने की कोशिश कर रही है।

