उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के मेहनगर थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रेम विवाह, जातीय विवाद और एक युवक की रहस्यमय गुमशुदगी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दलित समाज की युवती निस्मा का आरोप है कि उसने गांव के ही विशाल यादव से प्रेम विवाह किया था, लेकिन शादी के बाद से दोनों को लगातार सामाजिक और पारिवारिक विरोध का सामना करना पड़ रहा था। अब विशाल के अचानक लापता होने के बाद निस्मा ने आशंका जताई है कि जातीय विरोध के कारण उसे परिवार वालों ने कहीं छिपा दिया है या उसके साथ कोई अनहोनी हो सकती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेहनगर थाना क्षेत्र के दौलतपुर निवासी विशाल यादव और बरवा सागर निवासी निस्मा एक-दूसरे को पिछले लगभग आठ वर्षों से जानते थे। निस्मा का कहना है कि दोनों ने अप्रैल 2026 में कोर्ट मैरिज की थी। विवाह के बाद दोनों साथ रहना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग जाति होने के कारण दोनों के रिश्ते का विरोध शुरू हो गया। निस्मा का आरोप है कि विशाल के परिवार के लोग उसे स्वीकार नहीं कर रहे थे और लगातार दबाव बना रहे थे।
निस्मा के अनुसार 27 जून 2026 की दोपहर करीब दो बजे विशाल घर से पतन्हवा मंदिर जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। जब काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उससे भी बात नहीं हो सकी। काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई जानकारी नहीं मिली तो निस्मा ने मेहनगर थाने पहुंचकर गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार 30 जून 2026 को विशाल यादव की गुमशुदगी दर्ज की गई। रिकॉर्ड में विशाल की उम्र 23 वर्ष बताई गई है। उसका पता ग्राम दौलतपुर, थाना मेहनगर, जनपद आजमगढ़ दर्ज है। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
निस्मा का आरोप है कि विशाल के परिजन जातीय आधार पर इस विवाह का विरोध कर रहे थे। उनका कहना है कि वह दलित समाज से आती हैं और इसी कारण उन्हें परिवार में स्वीकार नहीं किया गया। निस्मा ने आशंका जताई है कि विशाल को परिवार वालों ने कहीं छिपा रखा है और उन्हें उससे बात तक नहीं करने दी जा रही है। उनका कहना है कि कई दिनों से विशाल का कोई पता नहीं चल रहा, जिससे वह बेहद परेशान हैं।
निस्मा ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि विशाल यादव का जल्द से जल्द पता लगाया जाए, उससे सुरक्षित संपर्क कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

