बौद। बौद निवासी सुनील कुमार सैनी ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वह अपनी दुकान की सुरक्षा को लेकर हर 5 से 7 दिन में रात के समय दुकान का निरीक्षण करने जाते हैं। आरोप है कि 29 मई 2026 की रात जब वह चौउनी चौक स्थित अपनी दुकान के पास पहुंचे, तभी वहां तैनात एक सिपाही ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने कहा कि वह दुकान देखने आए हैं, तो पुलिसकर्मी कथित रूप से अपशब्द कहने लगे।
सुनील कुमार सैनी का आरोप है कि कुछ देर बाद पुलिस की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उन्हें वाहन में बैठा लिया गया। उनका कहना है कि उन्होंने पुलिस पर भरोसा करते हुए कोई विरोध नहीं किया, लेकिन आरोप है कि थाने ले जाने के बाद उनके साथ मारपीट की गई। पीड़ित का दावा है कि उनके पैर पर लोहे के हथियार और डंडेनुमा वस्तु से वार किए गए, जिससे उनका पैर फ्रैक्चर हो गया।
पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने 181 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। उनका दावा है कि उन्होंने केवल निष्पक्ष जांच और मामले को मजिस्ट्रेट के समक्ष भेजने की मांग की थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। उनका आरोप है कि बाद में पुलिस की ओर से यह कहा गया कि वह दीवार के सहारे पड़े हुए थे, जबकि उनका कहना है कि जिस स्थान से उन्हें पुलिस ने उठाया, वह उनकी अपनी दुकान के बरामदे के सामने का क्षेत्र था। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सुनील कुमार सैनी का कहना है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उनका सवाल है कि यदि उनके विरुद्ध कोई मामला नहीं था, तो केवल संदेह के आधार पर उन्हें हिरासत में लेकर कथित मारपीट क्यों की गई। उनका आरोप है कि इस घटना के बाद वह पुलिस के डर से रात में अपनी दुकान की निगरानी के लिए भी नहीं जा पा रहे हैं, जिससे दुकान में चोरी होने का भी खतरा बढ़ गया है।
पीड़ित ने राज्य सरकार, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और मानवाधिकार आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

