ग्राम धुरेरी में वर्षों से चली आ रही जलनिकासी की समस्या अब ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट बन गई है। गांव की मुख्य नालियों का उचित निकास नहीं होने के कारण बारिश और घरेलू उपयोग का पानी गलियों में जमा रहता है। इससे लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2021 से लगातार पंचायत के सामने नाली निर्माण और जलनिकासी की मांग उठाई जा रही है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत कार्यालय में शिकायत करने पर उन्हें खुले तौर पर यह कहा जाता है कि यदि रिश्वत दी जाएगी तभी काम होगा, अन्यथा फाइल आगे नहीं बढ़ेगी। ग्रामीणों का कहना है कि इस रवैये के कारण वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है। यदि यह आरोप सही हैं तो यह पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
गांव की गलियों में लगातार भरे गंदे पानी से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों की आशंका बनी रहती है। कई स्थानों पर कीचड़ और गंदगी के कारण बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बच्चे फिसलकर घायल भी हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। समस्या का समाधान आज तक नहीं किया गया। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि पंचायत स्तर पर रिश्वत मांगने के आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही गांव में तत्काल नाली निर्माण और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को वर्षों से चली आ रही इस समस्या से राहत मिल सके।

