जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर शहर के वार्ड संख्या 17 स्थित सुक्खीपुर इलाके में सड़क और नाली की गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मोहल्ले के निवासियों का आरोप है कि कई महीनों से प्रशासन और नगर पालिका से लगातार शिकायतें करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब क्षेत्र की निवासी एवं सहायक प्राध्यापक पूनम सोनकर ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के तहत जिला प्रशासन से जवाब मांगा है।
पूनम सोनकर के अनुसार, सुक्खीपुर में विमल एचपी गैस एजेंसी के सामने स्थित गली में नाली का उचित निकास नहीं होने के कारण पूरी सड़क जलभराव का शिकार हो गई है। बारिश के दिनों में सड़क तालाब जैसी दिखाई देती है और लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों तक पानी जमा रहने से बदबू फैल रही है, मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है।
पीड़ितों का आरोप है कि पहले भी सड़क और नाली का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य तकनीकी रूप से सही नहीं होने के कारण सड़क और नाली का ढाल उचित नहीं रखा गया। इसके चलते पानी बाहर निकलने के बजाय वापस मोहल्ले की ओर आने लगा और समस्या पहले से अधिक गंभीर हो गई।
स्थानीय निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में पिछले लगभग चार वर्षों से सीवर लाइन का कार्य चल रहा है, लेकिन आज तक सीवर कनेक्शन नहीं दिया गया। अधूरे कार्य और जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।
मोहल्ले के लोगों ने सबसे पहले 18 जून 2025 को नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को लिखित शिकायत देकर सड़क और नाली के उचित निर्माण की मांग की थी। इसके बाद 1 जुलाई 2025 को जिलाधिकारी जौनपुर को भी विस्तृत प्रार्थना पत्र देकर जलभराव की समस्या से अवगत कराया गया और जल्द समाधान की मांग की गई।
शिकायतों के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आई तो पूनम सोनकर ने 17 सितंबर 2025 को जिलाधिकारी कार्यालय के जन सूचना अधिकारी को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन भेजा। आरटीआई में उन्होंने पूछा है कि 1 जुलाई 2025 को दिए गए आवेदन पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, वर्तमान स्थिति क्या है, सड़क और नाली निर्माण के लिए कोई निर्णय लिया गया है या नहीं, यदि कार्रवाई हुई है तो उसका पूरा विवरण उपलब्ध कराया जाए तथा निर्माण कार्य कब तक पूरा होने की संभावना है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले से संबंधित उपलब्ध अन्य सभी सूचनाएं भी मांगी हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही जल निकासी और सड़क निर्माण की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उनका कहना है कि लंबे समय से प्रशासनिक स्तर पर केवल आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
अब सभी की नजर जिला प्रशासन के जवाब और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि आरटीआई के माध्यम से सामने आने वाली जानकारी में लापरवाही या देरी उजागर होती है तो यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही पर भी बड़े सवाल खड़े कर सकता है। दूसरी ओर, यदि शीघ्र कार्रवाई होती है तो वर्षों से जलभराव की समस्या झेल रहे सैकड़ों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगेगी।

