मां का बचपन में ही हो चुका निधन, पांच बहनों में एक गौरी के पिता भी रहते हैं बीमार; प्रशासन से पक्की छत दिलाने की गुहार
जौनपुर। लगातार बारिश के बीच मछलीशहर थाना क्षेत्र के कटाहित खास गांव में गौरी कुमारी के परिवार पर मुसीबत टूट पड़ी। बारिश के कारण उनका कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान गिरने के बाद गौरी और उनके बीमार पिता के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है। अब गौरी अड़ोस-पड़ोस में दर-दर भटकने को मजबूर है।
गौरी कुमारी पुत्री सरेन्द्र गौड निवासी ग्राम कटाहित खास की मां का बचपन में ही निधन हो गया था। गौरी पांच बहनों में से एक हैं। मां के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां और मुश्किलें बढ़ती चली गईं। पिता भी अक्सर बीमार रहते हैं। गौरी और उनके पिता इसी कच्चे मकान में रहकर किसी तरह अपना जीवन गुजार रहे थे।
बारिश ने छीन लिया सिर छिपाने का ठिकाना
लगातार बारिश के बीच कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान गिरने के बाद गौरी और उनके पिता के पास सिर छिपाने के लिए सुरक्षित छत तक नहीं बची। मजबूरी में उन्हें अड़ोस-पड़ोस में शरण तलाशनी पड़ रही है। बारिश के इस मौसम में बेघर होने के कारण परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
गौरी का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपने दम पर नया मकान बनवा सके। पिता के बीमार रहने के कारण घर की स्थिति और भी कठिन हो गई है। मकान गिरने के बाद अब वह मदद के लिए प्रशासन के चक्कर लगा रही हैं।
प्रशासन से लगाई पक्की छत की गुहार
गौरी कुमारी ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनकी स्थिति को देखते हुए परिवार को रहने के लिए सुरक्षित छत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मांग की है कि सरकारी आवास योजना के तहत उनका घर बनवाया जाए, ताकि वह और उनके बीमार पिता बारिश और मौसम की मार से बच सकें।
मकान गिरने के बाद गौरी की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। अपना आशियाना उजड़ने के बाद वह अड़ोस-पड़ोस में सहारा तलाश रही हैं। अब परिवार को प्रशासन से मदद की उम्मीद है कि उन्हें जल्द एक सुरक्षित घर मिल सके।

