जैस्मिन भसीन ने की श्री श्री रविशंकर से मुलाकात, मन की उलझन में फंसी एक्ट्रेस ने कही दिल की बात

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श्री श्री रविशंकर से मिलने के बाद जैस्मिन भसीन ने एक दिल को छू लेने वाला नोट लिखा। एक्ट्रेस ने इस पोस्ट के जरिए बताया कि वह काफी परेशान थी और कहा कि मन में कई सवाल थे, लेकिन किसी को सफाई देने की जरूरत नहीं लगी।
जैस्मीन भसीन आजकल शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आ रही हैं। हाल के एपिसोड में उन्हें एलिमिनेशन टास्क का सामना करना पड़ा, लेकिन किसी तरह वह खुद को बचाने में कामयाब रहीं। हाल ही में उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का भी सामना करना पड़ा। दुबई में अपने 36वें जन्मदिन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद टर्मिनल इलियटिस का पता चलने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस बीच, एक्ट्रेस जैस्मीन ने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की और उनके साथ कई तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने इस खास अनुभव के बारे में एक दिल छू लेने वाला नोट भी लिखा।
गुरुदेव के लिए जैस्मिन भसीन का खास पोस्ट
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में जैस्मीन ने कहा, ‘जिंदगी में कुछ मुलाकातें ऐसी होती हैं जो मानो तब से तय थीं, जब हमें पता भी नहीं था कि हमें उनकी जरूरत है। @gurudev, मुझे आपसे व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए बुलाने के लिए धन्यवाद। खासकर तब, जब मेरे अंदर बहुत कुछ चल रहा था। मेरे मन में उलझनें थीं, दिल में तूफान थे और आत्मा में ऐसे सवाल थे, जिन्हें मैंने किसी के साथ शेयर नहीं किया था। फिर भी, जब मैं आपके सामने बैठी तो मुझे कुछ भी समझाने की जरूरत महसूस नहीं हुई। ऐसा लगा मानो आप पहले से ही सब जानते थे।’

जैस्मिन भसीन ने श्री श्री रविशंकर को बताया अपना गुरु
एक्ट्रेस जैस्मिन भसीन ने आगे कहा, ‘बिना ज्यादा कुछ कहे ही, आपके शब्द, आपकी मौजूदगी और आपका मार्गदर्शन मेरे अंदर उन जगहों तक पहुंच गए, जिन्हें मैं शब्दों में बयां भी नहीं कर सकती थी, जब मैं उलझन में घिरी हुई थी तब आपने प्यार से मुझे एक दिशा दिखाई और मुझे उस रास्ते की याद दिलाई, जिस पर मुझे वापस लौटना था। शायद गुरु का असली मतलब यही है- सिर्फ वह नहीं जो आपको सिखाता है, बल्कि वह जो बिना कहे ही सब समझ जाता है। वह जो उन लड़ाइयों को देखता है जो आप चुपचाप लड़ रहे हैं और प्यार व कृपा के साथ आपको आपके अपने प्रकाश की ओर ले जाता है।’
जैस्मिन भसीन ने कही दिल की बात
जैस्मिन भसीन ने इसी पोस्ट में आगे लिखा, ‘मेरा सच में मानना ​​है कि इस बार आपका निमंत्रण मेरी जिंदगी में ठीक उसी समय आया, जब मेरी आत्मा को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। कुछ आशीर्वाद बिना शोर-शराबे के मिलते हैं। वे चुपचाप आते हैं और आपके अंदर कुछ ऐसा बदल देते हैं, जो हमेशा के लिए बना रहता है। आपके स्नेह, आपकी दिव्य उपस्थिति और उस समय मेरा मार्गदर्शन करने के लिए धन्यवाद, जब मुझे इसकी जरूरत थी। भले ही मुझे खुद पता नहीं था कि मुझे इसकी कितनी गहरी जरूरत है। मैं शब्दों से परे आपकी आभारी हूं।

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