सागर जहरीली शराब कांड में 16 लोगों की मौत के बाद CM मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्य आरोपी रवि लखेरा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुआ, जबकि न्यायिक जांच भी जारी है।
मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले ने एक बार फिर राज्य में कानून-व्यवस्था और अवैध शराब के कारोबार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमुख आरोपियों में शामिल रवि लखेरा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इसी बीच मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार का रुख पूरी तरह सख्त है और कानून तोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सागर कांड पर CM ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि सागर की घटना को लेकर प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दोषियों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से समझौता करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, घटना के बाद प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए हैं और मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। अवैध गतिविधियों से जुड़े ठिकानों पर भी प्रशासन की कार्रवाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इससे पहले भी अपराधियों के अवैध ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है और आगे भी इसी तरह सख्ती बरती जाएगी।
मुख्य आरोपी रवि लखेरा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
सागर जहरीली शराब मामले में पुलिस को शुक्रवार तड़के बड़ी सफलता मिली। पुलिस ने मुख्य आरोपियों में शामिल रवि लखेरा को बरायठा जंगल के पास मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को रोकने की कोशिश के दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। इस दौरान लखेरा के पैर में गोली लगी। बताया गया कि आरोपी मोटरसाइकिल पर दो अन्य लोगों के साथ मौजूद था, लेकिन फायरिंग शुरू होने के बाद दोनों मौके से भाग निकले। घायल लखेरा को उपचार के लिए उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है। पुलिस के मुताबिक लखेरा पर लाइसेंसी शराब ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह लोधी के साथ मिलकर कथित तौर पर नकली शराब तैयार करने और उसे सागर जिले में सप्लाई कराने का आरोप है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।
16 लोगों की मौत, 32 का इलाज जारी
सागर जिले में जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ी थी। इस घटना में अब तक 16 लोगों की मौत की बात सामने आई है, जबकि 32 अन्य लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस ने अवैध शराब के नेटवर्क पर कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने इस मामले में कुल 30 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें से 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। पुलिस की कार्रवाई का फोकस अब उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो कथित तौर पर नकली शराब के निर्माण, उसकी सामग्री जुटाने और सप्लाई चैन से जुड़े हुए थे।
लखेरा पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस सूत्रों के अनुसार रवि लखेरा के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत अन्य स्थानों पर करीब 25 प्रकरण होने की जानकारी सामने आई है। इनमें बड़ी संख्या आबकारी कानून से जुड़े मामलों की बताई गई है। लखेरा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि उसका पता उत्तर प्रदेश के ललितपुर की गंगापुरम कॉलोनी से भी जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, सागर के बहेरिया थाने में वर्ष 2025 में दर्ज अवैध शराब बनाने के एक मामले में भी वह वांछित था। जांच में पुलिस का आरोप है कि लखेरा नकली शराब बनाने और इसके लिए आवश्यक सामग्री जुटाने में माहिर था। पुलिस को संदेह है कि वह एक ऐसे नेटवर्क को संचालित कर रहा था, जिसके जरिए तैयार की गई अवैध शराब को अलग-अलग इलाकों में पहुंचाया जाता था।
CM बोले- नशे के कारोबार पर भी होगी कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सागर मामले को प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार नशाखोरी और इससे जुड़े अवैध कारोबार को रोकने के लिए अभियान चला रही है। नशीले पदार्थों या अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि सागर की घटना से जुड़े हर पहलू की जांच और कार्रवाई को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है।
जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच के आदेश
सागर में हुई मौतों के मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने पहले ही न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य यह पता लगाना है कि जहरीली शराब लोगों तक कैसे पहुंची, इसके पीछे कौन लोग थे और पूरे नेटवर्क में किन-किन स्तरों पर लापरवाही या मिलीभगत हुई। वहीं विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। माकपा ने आरोप लगाया है कि राज्य में शराब माफिया को संरक्षण मिल रहा है। पार्टी ने सागर के पुलिस अधीक्षक की उस बात पर भी सवाल उठाया है, जिसमें कथित तौर पर नकली शराब के उत्तर प्रदेश के ललितपुर से आने की बात कही गई थी। ऐसे में न्यायिक जांच की रिपोर्ट इस पूरे मामले की तस्वीर साफ करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
छिंदवाड़ा कफ सिरप मामले का भी CM ने किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री से सागर शराब कांड के साथ छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले को लेकर भी सवाल किया गया। जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार ने दोनों घटनाओं में तत्काल कदम उठाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा, सतना, बैतूल और छिंदवाड़ा सहित इस क्षेत्र में लंबे समय से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत रही है। सरकार का प्रयास है कि गंभीर इलाज के लिए लोगों को जबलपुर या नागपुर जैसे बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े। इसी उद्देश्य से क्षेत्र में एलोपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। छिंदवाड़ा कफ सिरप मामले में 25 से ज्यादा बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि चिकित्सा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
अपराध के खिलाफ सरकार का सख्त संदेश
सागर की घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव के बयान को सरकार की अपराध और नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त नीति के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और कानून-व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी। फिलहाल पुलिस की जांच का अगला फोकस फरार आरोपियों तक पहुंचने और नकली शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाने पर है। रवि लखेरा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से इस कथित अवैध शराब कारोबार से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं। वहीं न्यायिक जांच से यह भी स्पष्ट होने की उम्मीद है कि जहरीली शराब लोगों तक किस रास्ते से पहुंची और इस पूरी घटना के लिए जिम्मेदारी किन लोगों की बनती है।

