प्रशांत भूषण के ‘रिजीम चेंज’ वाले बयान के बाद बीजेपी ने निशाना साधा है। बीजेपी ने कहा कि जो बांग्लादेश में हुआ था ये लोग वही यहां भी दोहराना चाहते हैं। बीजेपी ने नेहा बोरा का एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें वह कहती हैं कि वह बांग्लादेश में हुए प्रदर्शन से प्रेरित हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर BJP लगातार तीखे हमले कर रहे है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों का असली मकसद ‘सत्ता परिवर्तन’ है। इस बीच प्रदर्शनकारी समूह का हिस्सा रहे वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने गुरुवार को इस आरोप को स्वीकार भी कर लिया। प्रशांत भूषण ने गुरुवार को कहा कि “हां, हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।” वहीं अब प्रशांत भूषण के इस बयान के बाद बीजेपी एक बार फिर से हमलावर हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका जवाब दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि इन टिप्पणियों से प्रदर्शनकारियों का एजेंडा साफ हो गया है।
प्रशांत भूषण ने कही सत्ता परिवर्तन की बात
दरअसल, गुरुवार शाम AISA की नेहा बोरा और CJP के अभिजीत दिपके ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान प्रशांत भूषण भी प्रशांत भूषण भी मौजूद थे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत भूषण ने कहा, “हां, हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ असंतोष फैलाना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब “वास्तव में सत्ता परिवर्तन के लिए” है। प्रशांत भूषण ने कहा, “सरकार का आरोप है कि विपक्ष सत्ता परिवर्तन चाहता है… हम अभी इस बात के लिए लड़ रहे हैं कि चुनाव ठीक से हों। लेकिन अगर इस तरह की बर्बरता जारी रही, तो निश्चित रूप से सत्ता परिवर्तन होगा। हां, हम सभी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।”
प्रशांत भूषण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगे कहा, “इसमें गलत क्या है? क्या बीजेपी ने खुद सत्ता परिवर्तन के लिए कई आंदोलन नहीं चलाए थे? और अब वे कह रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन के लिए कोई साजिश रची जा रही है।” उन्होंने कहा, “इसीलिए यह अब एक तानाशाही सरकार के खिलाफ सत्ता परिवर्तन की लड़ाई है। एक ऐसी सरकार जो लोकतंत्र को कुचल रही है।” उन्होंने कहा कि प्रशासन जितना ज्यादा प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश करेगा, उतने ही ज्यादा लोग सड़कों पर उतरेंगे।
राजनाथ सिंह ने किया पलटवार
वहीं अब प्रशांत किशोर के इस बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पलटवार किया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष का एजेंडा अराजकता फैलाना है। दरअसल, राजनाथ सिंह ने शुक्रवार सुबह लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “उन्होंने (प्रदर्शनकारी समूहों ने) देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में मोहरा बनाने की कोशिश की है। उनका मकसद बांग्लादेश की तर्ज पर ‘सत्ता परिवर्तन’ करना है।” उन्होंने आगे कहा, “असल में, उनमें से एक ने तो प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलेआम कहा कि उन्हें इस सत्ता परिवर्तन के लिए बांग्लादेश से प्रेरणा मिली है, जबकि दूसरे ने बेझिझक सरकार को गिराने की बात कही है। इससे उनका असली एजेंडा साफ हो जाता है।”
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को भी “अराजकता फैलाने” को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “मैं यह कहना चाहूंगा कि राहुल गांधी और उनके साथियों को यह समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र का मतलब अराजकता फैलाना, संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कम करना या भारत की विकास यात्रा में बाधा डालना नहीं है।
बीजेपी ने कहा- ‘जो बांग्लादेश में हुआ वही दोहराना चाहते हैं’
बता दें कि बीजेपी ने गुरुवार को राहुल गांधी पर निशाना साधा। यह हमला नेहा बोरा के एक वीडियो को लेकर किया गया, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश के विरोध प्रदर्शनों को एक प्रेरणा बताया था। बीजेपी नेता द्वारा शेयर की गई 39 सेकंड की एक वीडियो क्लिप में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “इस देश में हम हर जगह जो ‘जेन जेड’ (Gen Z) आंदोलन देख रहे हैं, उसकी शुरुआत सबसे पहले बांग्लादेश में हुई थी। हमें रास्ता दिखाने और इस देश के युवाओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए आपको बधाई।” बीजेपी ने इस क्लिप को प्रदर्शनकारियों के “असली इरादों” का सबूत बताया और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया, “राहुल गांधी और उनका पूरा इकोसिस्टम सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं करना चाहता; उनका लक्ष्य सत्ता परिवर्तन (regime change) है। एक इंटरव्यू में नेहा बोरा ने कहा कि वह बांग्लादेश में ‘जेन जेड’ के नेतृत्व वाले आंदोलन से प्रेरित हैं, और वे भारत में भी वही दोहराना चाहते हैं जो बांग्लादेश में हुआ था।

