सतना जिले के ग्राम पंचायत उसरार से एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है, जहां ग्रामवासियों द्वारा सामूहिक रूप से एक पंचायतनामा प्रस्तुत कर ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित वन क्षेत्र और उसमें किए गए वृक्षारोपण की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की गई है। ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत उसरार निवासी सतीश शर्मा पिता देवलाल शर्मा द्वारा ग्राम पंचायत बरार से लगे वन क्षेत्र में लगभग एक एकड़ भूमि पर बड़े स्तर पर बागवानी और वृक्षारोपण किया गया है।
पंचायतनामा में बताया गया है कि उक्त भूमि पर कुल 133 पौधे लगाए गए हैं, जिनमें करहल के 10 पौधे, आंवला के 11 पौधे, अमरूद के 21 पौधे, आम के 82 पौधे, बड़े नींबू के 3 पौधे, छोटे नींबू के 2 पौधे, करौंदा के 2 पौधे और जायफल के 2 पौधे शामिल हैं। ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस भूमि पर नियमित रूप से वृक्ष संरक्षण और सिंचाई का कार्य किया जा रहा है।
ग्रामवासियों ने सामूहिक रूप से इस जानकारी की पुष्टि करते हुए कहा कि प्रस्तुत विवरण पूर्ण रूप से सत्य है और इस संबंध में गांव के सभी लोग संतुष्ट हैं। पंचायतनामा पर कई पंचों और ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी दर्ज किए गए हैं, जिससे इसकी पुष्टि और मजबूत हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। गांव में इस तरह बड़े स्तर पर फलदार पौधों का रोपण आने वाले समय में आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है।
स्थानीय स्तर पर इस पंचायतनामा की चर्चा तेज हो गई है और लोग इसे गांव के विकास और हरियाली बढ़ाने की मिसाल के रूप में देख रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वृक्षारोपण और भूमि की स्थिति को लेकर क्या आधिकारिक रुख अपनाता है।

