नंबर ब्लॉक, घर छोड़कर मायके में रहकर ड्यूटी, डेढ़ लाख के जेवर भी साथ ले गईं
*वार्ड नंबर 06, बिंद बोचहा
बोचहा, बोचालिया ,जिला – समस्तीपुर बिहार – 848503*
अंतर्गत से एक गंभीर पारिवारिक विवाद सामने आया है, जिसने एक शादीशुदा परिवार को टूटने के कगार पर ला खड़ा किया है। शिकायतकर्ता शशि भूषण कुमार, पिता श्री अर्जुन राय, ने प्रशासन और पुलिस से मदद की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी दीक्षा कुमारी के बिहार पुलिस में नौकरी लगने के बाद उनका व्यवहार पूरी तरह बदल गया है और अब वह पति से पूरी तरह कट चुकी हैं।
शशिभूषण के अनुसार, उनकी शादी समस्तीपुर जिले के पटोरी, पियरेपुर निवासी दीक्षा कुमारी (पिता श्री रामबिलराय) से हुई थी। वर्ष 2021 में दीक्षा को बिहार पुलिस में नौकरी मिली, जिसमें परिवार ने भी सहयोग किया था। पति का आरोप है कि नौकरी लगने के बाद से पत्नी का व्यवहार अचानक बदल गया। वह छुट्टी पर मायके आती हैं, वहीं से ड्यूटी पर चली जाती हैं और ससुराल लौटना बंद कर दिया है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उनकी पत्नी ने उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया है, न तो बात करती हैं और न मिलने आती हैं। बार-बार संपर्क करने पर भी कोई जवाब नहीं मिलता। इससे शशिभूषण मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
आरोप यह भी है कि दीक्षा के भाई रामबाबू राय उन्हें बार-बार अपमानजनक शब्द कहते हैं और कथित तौर पर बोलते हैं कि “तुम हमारे परिवार के लायक नहीं हो।” शशि भूषण का दावा है कि इस तरह के बयानों से उनके आत्मसम्मान और वैवाहिक जीवन को गहरी ठेस पहुंची है।
इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि शादी के समय उन्होंने अपनी पत्नी को लगभग डेढ़ लाख रुपये के जेवर दिए थे, जिन्हें दीक्षा अपने साथ मायके ले गईं और अब वापस करने से इनकार किया जा रहा है। शशिभूषण का कहना है कि दीक्षा की मां साफ कह चुकी हैं कि जेवर वापस नहीं दिए जाएंगे।
शशि भूषण का कहना है कि शादी के समय उनकी पत्नी बेरोजगार थीं और नौकरी शादी के बाद लगी थी, इसलिए यह व्यवहार न्यायसंगत नहीं है। उनका कहना है कि वे अपनी पत्नी को घर वापस लाना चाहते हैं और परिवार को टूटने से बचाना चाहते हैं, लेकिन बार-बार उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है।
अब पीड़ित पति ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पुलिस और स्थानीय अधिकारियों से अपील की है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि उनका परिवार समय रहते बच सके और उन्हें न्याय मिल सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद नहीं बल्कि समाज में बढ़ते वैवाहिक तनाव और नौकरी के बाद रिश्तों में बदलाव का भी बड़ा उदाहरण है।

