स्थान: श्रीनगर परिषद, तहसील कार्यालय, सिंगरौली
सिंगरौली जिले के श्रीनगर परिषद स्थित तहसील कार्यालय के सामने संचालित आधार सेवा केंद्र में आम जनता से खुली मनमानी व अवैध वसूली का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि आधार सेंटर संचालक द्वारा सरकारी निर्धारित शुल्क ₹75 के स्थान पर ₹220 वसूले जा रहे हैं, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोग आर्थिक शोषण का शिकार हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, यह आधार केंद्र राजेश जायसवाल के नाम पर पंजीकृत है। आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट अपडेट, जन्मतिथि सुधार, पता (Address) अपडेट जैसे कार्यों के लिए सरकार द्वारा केवल ₹75 शुल्क निर्धारित है। बावजूद इसके, यहां आने वाले लोगों से ₹220 तक वसूली की जा रही है।
पीड़ित आधार धारकों का आरोप है कि उन्हें ₹75 की आधिकारिक रसीद तो दी जाती है, लेकिन अतिरिक्त ₹145 नकद “दान/सेवा शुल्क” के नाम पर जबरन लिया जाता है। इससे साफ जाहिर होता है कि यह सुनियोजित तरीके से अवैध वसूली का खेल चल रहा है।
स्कैनर में दूसरे व्यक्ति का नाम
और भी चौंकाने वाली बात यह है कि पैसे लेते समय आधार सेंटर में लगे स्कैनर में “धर्मेंद्र कुमार जायसवाल, पिता प्रज्ञा जायसवाल” का नाम दिखाई देता है, जबकि आधार सेंटर आईडी धारक राजेश जायसवाल बताया जा रहा है। इससे कई सवाल खड़े होते हैं—
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क्या यह आधार केंद्र नियमों के अनुसार चल रहा है?
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क्या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम से लेन-देन किया जा रहा है?
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क्या इसमें बड़े स्तर पर गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा शामिल है?
जनता में आक्रोश
तहसील कार्यालय के ठीक सामने स्थित होने के बावजूद इस अवैध वसूली पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होना स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। रोजाना दर्जनों ग्रामीण और गरीब लोग यहां आधार अपडेट कराने आते हैं और मजबूरी में अधिक पैसे देकर लौट जाते हैं।
प्रशासन से मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि—
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इस आधार केंद्र की तत्काल जांच हो
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अवैध वसूली रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए
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दोषी संचालक पर कानूनी कार्रवाई हो
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अन्य आधार केंद्रों की भी जांच कराई जाए
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निष्कर्ष
जहां एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया और पारदर्शिता की बात करती है, वहीं सिंगरौली जैसे शहर में खुलेआम जनता की जेब काटी जा रही है। यह मामला केवल एक आधार सेंटर का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक कार्रवाई करता है।
सिंगरौली से ई खबर रिपोर्टर रमेश चंद्र

